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एसपी पर भड़के मंत्री विज: बोले- जाइए यहां से जब आपके पास पावर नहीं, पुलिस कर्मी को सस्पेंड करने के दिए थे आदेश

Fri, 13 Feb 2026 05:30 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल

सार

आरकेएसडी कालेज में शुक्रवार को आयोजित बैठक में मंत्री ने एक मामले में कुरुक्षेत्र में कार्यरत आरोपी पुलिसकर्मी को जांच होने तक सस्पेंड करने के आदेश दिए। इस पर एसपी ने कहा कि सर, कर्मी को सस्पेंड करने की पावर मुझे नहीं है।
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मंत्री अनिल विज और कैथल एसपी उपासना - फोटो : संवाद
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विस्तार
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कष्ट निवारण समिति की बैठक में ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज और कैथल एसपी उपासना के बीच तीखी बहस हो गई। इस दौरान मंत्री एसपी पर भड़क उठे। उन्होंने एसपी को ये तक कह दिया कि जाईए यहां से जब आपके पास पावर नहीं है। हालांकि एसपी भी दृढ़ता से कानूनी दायरे के चलते कार्रवाई न कर पाने की बात कहती रही।

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आरकेएसडी कालेज में शुक्रवार को आयोजित बैठक में मंत्री ने एक मामले में कुरुक्षेत्र में कार्यरत आरोपी पुलिसकर्मी को जांच होने तक सस्पेंड करने के आदेश दिए। इस पर एसपी ने कहा कि सर, कर्मी को सस्पेंड करने की पावर मुझे नहीं है। ये सुनकर मंत्री विज भड़क उठे और कहा कि जब मैं कह रहा हूं तो इससे बड़ी पावर क्या है। आप हर मामले में ऐसे करते हो। एसपी ने फिर दोहराया कि मामला कुरुक्षेत्र का है। कुरुक्षेत्र एसपी या डीजी ही कर सकते हैं, मेरे पास पावर नहीं है। ये सुनकर मंत्री ने उनको उठकर जाने के लिए कह दिया।

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डीसी ने किया हस्तक्षेप
कुछ देर चली बहस के बाद एसपी ने कहा कि वह लिख देंगी, लेकिन उनको सस्पेंड करने की पावर नहीं है। मंत्री ने कहा हां तो लिखिए कि कष्ट निवारण समिति के चेयरमैन ने उक्त कर्मी को सस्पेंड करने को कहा है। फिर मैं देखता हूं कि कौन नहीं करता। इस बीच डीसी अपराजिता ने सूझबूझ दिखाते हुए हस्तक्षेप किया और कहा कि सर, एसपी मैडम ये ही कह रहे हैं कि वो संबंधित कर्मी की सस्पेंशन को लेकर डीजी को लिख देंगी। इसके बाद मामला थोड़ा शांत हुआ। इस दौरान बैठक में मौजूद लोगों ने तालियां बजाई। मंत्री विज ने ये भी कहा कि उनका आर्डर पूरे हरियाणा में चलता है।
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ये था मामला
गांव तितरम निवासी संदीप मलिक ने बैठक में दी शिकायत में बताया कि उसने पुलिस विभाग में कार्यरत एएसआई संदीप से जमीन खरीदनी थी, लेकिन वह जमीन मानकों पर पूरा न होने कारण फिर नहीं खरीदी। इस दौरान ब्याने के तौर पर आरोपी को रुपये दिए गए थे, लेकिन उसने रुपये वापिस नहीं दिए। पुलिस को शिकायत करने पर उस पर केस दर्ज हो गया, लेकिन उसने कैथल से केस को करनाल ट्रांसफर करा लिया। आरोप लगाए कि उक्त मामले में पुलिस उस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही। इसके बाद मंत्री ने जांच होने तक सस्पेंड करने के आदेश दिए थे।

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