रविवार रात में हुई बारिश के चलते गांव पीड़ल के पास से उरलाना माइनर टूट गई जिस कारण तकरीबन साठ एकड़ धान की खड़ी फसल पर पानी फिर गया। नहर विभाग और गांव वासियों द्वारा किए गए साझे प्रयासों के फलस्वरूप दोपहर 12 बजे तक माइनर के पाड़ को बंद कर दिया गया।
गत रात जबरदस्त बारिश होती रही जिस कारण उरलाना माइनर में किनारों को लांघता हुआ पानी चलने लगा। सोमवार सुबह लगभग 6 बजे अपने खेत को जाते एक किसान ने पीड़ल के पास उक्त छोटी नहर के एक किनारे में से पानी रिसता देखा तो उसने गांव में सूचना दे दी। गांव में से किसी ने नहर विभाग में खबर कर दी मगर तब तक नहर के एक सिरे पर बना कुछ फीट की छोटी सी दरार कई मीटर चौड़े पाड़ का रूप ले गई और उसमें से पानी निकलकर आसपास के खेतों में फैलना शुरू हो गया।
नहर बंद करवाई फिर की दरार बंद
नहर विभाग ने तुरत फुरत में पीछे से पानी बंद करवाया और इधर पाड़ को भरने की कार्रवाई शुरू कर दी। ग्रामीणों के साथ मिलकर नहर विभाग के कर्मचारियों ने मिट्टी के थैले भर भरकर नहर के पाड़ में भरे। तकरीबन चार-पांच घंटों की कड़ी मेहनत के बाद नहर बंद हो सकी।
फिलहाल कोई नुकसान नहीं
किसानों ने बताया कि नहर पर जल्दी काबू पा लिया गया है तथा बारिश भी रुकी हुई है। खेतों में जमा अधिक वाला पानी भी फटाफट बहकर आगे निकल रहा इसलिए फिलहाल फसल को कोई ज्यादा नुकसान नहीं है। अगर धान के तने सिर तक ज्यादा समय तक पानी में डूबे रहते तो फसल के लिए खतरा हो सकता था।