चंदाना गेट स्थित राजकीय उच्च विद्यालय में बच्चों के लिए मिड-डे मिल बनाते समय प्रेसर कुकर फट गया। कुकर फटने से उसमें पक रहा गर्म खाना महिला कुक और चौथी कक्षा की छात्रा पर जा गिरा, जिससे दोनों झुलस गईं। कुकर फटने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के चार कमरों के शीशे भी टूट गए। स्कूल में मौजूद स्टाफ और आसपास के लोगों ने महिला और बच्ची को इलाज के लिए शहर के नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया। जहां दोनों को प्राथमिक उपचार दिया गया। तेज गर्म खाने के छींटे महिला की आंखों में भी लग गए, जिसे प्राथमिक उपचार देने के बाद डॉक्टरों ने आंखों की जांच के लिए पीजीआई चंडीगढ़ रैफर कर दिया। सूचना मिलने पर डीईईओ शमशेर सिरोही ने भी स्कूल का दौरा किया और हालात का जायजा लिया।
स्कूल के इंचार्ज व शिक्षक कंवर भान ने बताया कि सभी शिक्षक अपनी कक्षाओं में बच्चों को पढ़ा रहे थे। महिला कुक इंदिरा देवी बच्चों के लिए खाना बना रही थी। इस दौरान चौथी कक्षा की छात्रा शीतल पास में बनी पानी की टंकी से पानी पीने के लिए गई हुई थी। जैसे ही छात्रा पानी पीकर उसके पास से जाने लगी, तभी तेज धमाका हुआ। कुकर में पक रहा खाना उन दोनों पर बिखर गया। धमाके की आवाज सुनकर वे भी कक्षाओं से बाहर आ गए और देखा तो पाया कि मिड-डे मिल का कुकर फटा हुआ है। उन्होंने बताया कि कुक और छात्रा दोनों को स्टाफ सदस्यों ने अस्पताल में पहुंचा दिया था, जो अब ठीक हैं। महिला को आंखों की जांच के लिए चंडीगढ़ भेजा है।
अभिभावकों ने जताया रोष
घटना की सूचना पाकर आसपास के लोग और बच्चों के अभिभावक स्कूल में पहुंचे और घटना को लेकर रोष जताया। मौके पर पहुंची महिलाओं ने कहा कि कुकर फटने से घायल हुई कुक और बच्ची की सहायता के लिए एक भी महिला टीचर ने सहयोग नहीं किया। यहां तक झुलसी हुई महिला और बच्ची को हाथ तक नहीं लगाया। केवल अध्यापकों ने ही स्टाफ और आसपास के लोगों के सहयोग से उन्हें अस्पताल में पहुंचाया। अगर सभी अध्यापिकाएं कक्षाएं छोड़कर नहीं जा सकती थीं, तो कम से कम एक दो को तो उनके सहयोग को आगे आना चाहिए था।
महिला के बेटे ने लगाया आरोप, जानबूझकर भेजा उसकी मां को: कुक के बेटे मोहित ने बताया कि उसकी मां किसी तरह मेहनत मजदूरी करके गुजारा कर रही है। कुकर में काफी समय से सिटी नहीं आ रही थी। इसके बावजूद दूसरी कुक ने उसकी मां को जानबूझकर कुकर के पास भेजा। जिससे उसकी मां इस हादसे का शिकार हुई है। सीटी नहीं आ रही थी तो डंडे आदि से इसे जांचना चाहिए था। इस मामले में पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी की।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शमशेर सिंह सिरोही ने कहा कि स्कूल का दौरा कर घटना के बाद के हालात का जायजा लिया गया है। कुक उस समय कमरे में अकेली थी। छात्रा पानी पीकर काफी दूर से जा रही थी। फिर भी सभी स्कूलों में खाना बनाते समय अलर्ट रहने की हिदायत दी गई है। दोनों को समय पर अस्पताल में दाखिल करवा दिया गया।