संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से 9 से 15 मार्च तक पुराना बस स्टैंड कैथल में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के दौरान संस्थान के संस्थापक एवं संचालक आशुतोष महाराज की शिष्या और भागवताचार्या आस्था भारती ने श्रद्धालुओं को भागवत माहात्म्य, राजा परीक्षित की दिग्विजय तथा कलियुग के दमन जैसे प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया।
उन्होंने बताया कि कथा के मुख्य पात्र राजा परीक्षित हैं, जिन्होंने मृत्यु का संकेत मिलते ही स्वयं को सजग और सतर्क कर लिया तथा अपने जीवन को सार्थक बनाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि परीक्षित की कथा मनुष्य को यह संदेश देती है कि जीवन अनिश्चित है और हर व्यक्ति को समय रहते अपने जीवन के उद्देश्य को समझना चाहिए।
कथा के दौरान उन्होंने कहा कि चाहे 9/11 को अमेरिका पर हुआ आतंकी हमला हो, निपाह वायरस जैसी बीमारियां हों या सुनामी और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएं—ये सभी घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि संसार की समस्त विद्या और शक्ति की अपनी सीमाएं हैं। मेडिकल इंश्योरेंस, ग्रेच्युटी योजनाएं, सुरक्षा तंत्र या एंटीवायरस जैसे साधन केवल भौतिक संसाधनों की रक्षा कर सकते हैं, लेकिन अवश्यंभावी मृत्यु या बड़े संकट से कोई नहीं बच सकता।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राजा परीक्षित और वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल जैसे व्यक्तित्व मृत्यु की आहट को समझकर जागृत हुए और अपने जीवन को सार्थक बनाने में लग गए। इस अवसर पर मुख्य यजमान के रूप में हरियाणा राइस मिल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा अपने परिवार सहित मौजूद रहे। उनके साथ धर्मपत्नी अंबिका छाबड़ा, बेटी जीविसा छाबड़ा और बृजमोहन गुप्ता भी उपस्थित थे।
जीवन का सर्वोत्तम निवेश है भक्ति
भागवताचार्या आस्था भारती ने कहा कि भक्ति जीवन का सर्वोत्तम निवेश है। यह न केवल सांसारिक परेशानियों से उबारती है, बल्कि जीवन के पश्चात मोक्ष का मार्ग भी प्रशस्त करती है। उन्होंने कहा कि परमात्मा की भक्ति रूपी सुरक्षा कवच के प्रति जागरूक होना ही सच्ची सजगता है। भागवत कथा के श्रवण से धुन्धुकारी की सात गांठों का टूटना मनुष्य के पूर्वाग्रहों और भ्रमों के समाप्त होने का प्रतीक है।
गो माता के संरक्षण का किया आह्वान
व्यास पीठ से साध्वी ने उपस्थित श्रद्धालुओं से गो माता के संरक्षण की अपील की। उन्होंने कहा कि गौ-दान करने वाला व्यक्ति अनेक कष्टों और पापों से मुक्त हो जाता है। उन्होंने लोगों से अपनी सामर्थ्य के अनुसार गो-सेवा के लिए सहयोग देने का भी आह्वान किया।
कैथल के पुराने बस अड्डे परिसर में श्रद्धालुओं को कथा सुनातीं कथा व्यास आस्था भारती।- फोटो : credit