संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। तारागढ़ गांव में आयोजित जल चौपाल में ग्रामीणों को जल संरक्षण का पाठ पढ़ाया गया। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की टीम ने जिला सलाहकार दीपक कुमार की देखरेख में राजौंद खंड के गांवों में जल संरक्षण के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया। पानी की जांच के लिए मोबाइल लैब ने पानी के सैंपल लिए।
इस मौके पर जिला सलाहकार दीपक कुमार ने बताया कि पानी की जांच के लिए मोबाइल लैब ने सात गांवों तारागढ़, सोंगरी, कसान, किठाना, रोहेड़ा, रोहेड़ा-माजरा, जाखौली व खेड़ी रायवाली के पानी के सैंपल लिए। पानी की टीडीएस, पीएच, फ्लोराइड, आयरन, टोटल-हार्डनेस, सल्फेट, नाइट्रेट, जिंक, ट्रबीडिटी की जांच की गई। लैब में 10 पैरामीटर की जांच की जाती है।
उन्होंने बताया कि 80 प्रतिशत बीमारियां साफ पानी न मिलने के कारण होती है। ग्रामीण क्षेत्र से जीपीएस ट्रैकिंग से मौके पर ही सप्लाई चालू कर सैंपल एकत्रित किए जाते हैं। रिपोर्ट आते ही घरों में सप्लाई किया जा रहा पानी पीने योग्य है या नहीं इसका पता चल जाएगा। अगर पानी पीने योग्य नहीं है तो यह रिपोर्ट विभाग की वेबसाइट पर अपलोड होने के साथ-साथ संबंधित गांव के कनिष्ठ अभियंता के पास भी जाएगी, ताकि पानी में आई कमी को दूर करवाया जा सके।
अगर पानी सभी पैरामीटर पर फेल हो जाते हैं या किसी भी सूरत में पीने योग्य नहीं है तो विभाग की ओर से तुरंत ट्यूबवेल से सप्लाई बंद की जाएगी। इस मौके पर बीआरसी विष्णु शर्मा मौजूद रहे।