कैथल। गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। वीरवार को 45.5 डिग्री सेल्सियस के बीच सब कुछ झुलसता हुआ नजर आया। दिन में घरों एवं प्रतिष्ठानों से निकलना मुश्किल हो गया। गर्म लू के प्रकोप के कारण गर्मी से होने वाले रोगों में भी इजाफा हुआ है। सरकारी एवं निजी अस्पतालों में उल्टी, दस्त, बुखार के मरीजों की संख्या एकाएक बढ़ गई है। दिन के समय शहर की सड़कें लगभग वीरान सी नजर आने लगी हैं।
वीरवार सुबह ही गर्म लू का प्रकोप शुरू हो गया था। जो सांय तक जारी रहा। दोपहर के समय व्यस्ततम पिहोवा चौक सुनसान नजर आया। जून माह में जैसे-जैसे समय बढ़ता जा रहा है, उसी अनुसार गर्मी का प्रकोप भी बढ़ रहा है। पिछले सप्ताह 45 डिग्री सेल्सियस तापमान पहुंचने के बाद बुधवार को फिर से सूर्यदेव आग बरसाने लगे। वीरवार को तापमान 45 डिग्री सेल्सिसय को भी पार कर गया। जिस कारण सब कुछ झुलसता हुआ नजर आया।
दिन में सड़कों पर शीतल पेय पदार्थों विक्रेताओं की संख्या भी बढ़ गई है। सड़कों के किनारे गन्ने के जूस सहित अन्य पेय पदार्थों की बिक्री भी बढ़ गई। भीषण गर्मी में मजबूरन बाहर निकलने वाले लोगों के लिए ये पेय बड़ी राहत बने हुए नजर आ रहे हैं।
सब्जियों को नुकसान: कृषि वैज्ञानिक
कृषि वैज्ञानिक डा. रमेश वर्मा ने कहा कि वीरवार को अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस रहा। अगले कुछ दिनों तक तापमान इसी तरह से जारी रह सकता है। उन्होंने कहा कि सब्जियों की फसलों में इस तापमान का नुकसान हो सकता है।
ज्यादा से ज्यादा पीने पीएं : डॉक्टर
सिविल सर्जन डा. आदित्य स्वरूप गुप्ता का कहना है कि गर्मी के मौसम में ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं। लू में निकलने से पहले शरीर को अच्छी तरह से ढांप कर ही बाहर निकलें। लू लगने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं तथा इलाज करवाएं।
दूध का संकट : गर्मी के कारण जिले भर में हरे चारे का संकट पैदा हो गया है। जिससे दूध के उत्पादन पर असर पड़ा है। दूध विक्रेताओं के लिए इसकी मांग पूरी करना टेढ़ी खीर बना हुआ है। दूध की इस समय न्यूनतम जरूरत भी पूरी नहीं हो पा रही हैं।