मुख्य संसदीय सचवि बख्शीश सिंह विर्क ने कष्ट निवारण समिति की बैठक में ना पहुंचने पर जन स्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता को नोटिस जारी करने का आदेश दिया। साथ ही 100 नंबर पर कार्यरत कर्मचारी के खिलाफ जांच कर दोषी पाए जाने पर सस्पेंड करने के आदेश दिए हैं। मुख्य संसदीय सचिव ने डीसी को भी फटकार लगाई और कहा कि आपको यह भी पता नहीं होता कि बैठक में कौन से अधिकारी आ रहे हैं और कौन से नहीं।
लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह विर्क ने की। बैठक में एक शिकायत के निपटान के दौरान जब जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की जरूरत पड़ी तो पता चला कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता नहीं पहुंचे। इस पर सीपीएस ने अधीक्षक अभियंता को नोटिस जारी करने के आदेश दिए। साथ ही डीसी से भी पूछा कि डीसी साहब, आपको भी पता नहीं रहता कि कौन सा अधिकारी बैठक में आया है और कौन सा नहीं? उन्होंने अधिकारियों को कड़े आदेश जारी करते हुए कहा कि बैठक में पहुंचना सुनिश्चित करें। नहीं तो अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
100 नंबर पर फोन सुनने वाले कर्मचारी ने कार्रवाई करने से किया मना
पूंडरी के एक व्यापारी ने अपनी शिकायत में बताया कि उसने एक मामले में मदद के लिए 100 नंबर पर फोन किया तो कर्मचारी ने कहा कि वह पूंडरी थाने में चला जाए। जिस पर मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह ने डीएसपी को कड़ी कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि डिप्टी साहब जांच करों, अगर आरोप सही पाए जाए तो संस्पेड कर दो।
बैठक में कुल 15 शिकायतें सुनी
बैठक में पुरानी एवं नई शिकायतों सहित 15 शिकायतों की सुनवाई की गई। इनमें 5 शिकायतें पुरानी तथा 10 नई शिकायतें शामिल हैं। उन्होंने मालखेड़ी निवासी राजेंद्र सिंह पुत्र जसबीर सिंह की मिलावटी धान का बीज से संबंधित शिकायत की सुनवाई करते हुए कृषि उपनिदेशक से जांच रिपोर्ट ली। इस जांच रिपोर्ट में धान के बीज में अन्य किस्मों की मिलावट पाई गई। विभाग द्वारा मैसर्ज महेश ट्रेडिंग कंपनी का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है।
उन्होंने पूंडरी निवासी नफे सिंह पुत्र भगत राम की ग्रेच्यूटी की राशि से संबंधित शिकायत के संदर्भ में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी से जांच रिपोर्ट की जानकारी ली।
कलायत निवासी कुलदीप कुमार व समस्त नायक समाज की शिकायत की सुनवाई करते हुए मुख्य संसदीय सचिव ने कलायत के उपमंडल अधिकारी नागरिक को निर्देश दिए कि वे स्वयं इस मामले को देखें।
छज्जू कुंड मंदिर निवासी बबलू पत्नी सोनू की शिकायत के संदर्भ में मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि बिजली चोरी के लिए लगाया गया जुर्माना दोषी व्यक्तियों द्वारा अवश्य जमा करवाया जाएगा तथा पुलिस द्वारा इस मामले की जांच की जाएगी।
उन्होंने पीडल निवासी रमेश कुमार पुत्र फकीर चंद की खादी बोर्ड से एमपीईजी योजना के तहत अनुदान पर ऋण से संबंधित शिकायत की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि इस योजना के तहत केवल एक बार ही अनुदान पर ऋण उपलब्ध करवाया जाता है। स्थानीय फ्रांसवाला रोड निवासी विश्व बंधु विक्रमादित्य की प्लाट अलाटमेंट से संबंधित शिकायत की सुनवाई करते हुए विर्क ने शिकायतकर्ता को रेट का रिकार्ड प्रस्तुत करने को कहा। यदि वक्फ बोर्ड के खिलाफ आरोप सही साबित हुए तो विभाग के संबंधित अधिकारी व कर्मचारी को निलंबित किया जाएगा।
डीसी रवि प्रकाश गुप्ता ने जिला कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष एवं मुख्य संसदीय सचिव का स्वागत करते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनमानस सर्वोच्च है। जिला प्रशासन द्वारा हमेशा यही प्रयास किया जाता है कि यथाशीघ्र लोगों की शिकायतों का निपटारा किया जाए। इस अवसर पर एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह, कलायत के एसडीएम ओमप्रकाश, नगराधीश, वीरेंद्र सांगवान, डीएसपी तरूण कुमार, भाजपा के जिलाध्यक्ष सुभाष हजवाना, समिति के मनोनीत सदस्यों में रवि भूषण गर्ग, वीरेंद्र छौत, अमरेंद्र सिंह खारा, श्याम सुंदर बंसल मौजूद रहे।