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तीन माह में सड़कों से हटेंगी लाखों गाय और गोवंश

Thu, 01 Sep 2016 12:13 AM IST
ब्यूरो कैथल
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गो संरक्षण एक्ट 2015 की दी जानकारी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अगले दो से तीन माह में सरकार प्रदेश में सड़कों पर बेसहारा घूम रही करीब 3 लाख 17 हजार गाय एवं गोवंश को हटा कर इन्हें चोटिल होने से बचाएगी। इसके लिए सरकार ने अनेकों योजनाएं शुरू की हैं। जिसमें 5 जिलों में गौ अभ्यारण्य स्थापित किए जाएंगे। साथ ही जहां गो संवर्धन को हर प्रकार की सुविधा जुटाई जाएगी। गोवंश के मांस की तस्करी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। प्रदेश के साथ लगती उत्तर प्रदेश की सीमाओं पर विशेष सख्ती बरती जाएगी। इन जिलों पर पुलिस टास्क फोर्स की टीमें विशेष नजर रखेगी। यह जानकारी हरियाणा गो सेवा आयोग के चेयरमैन भानी राम मंगला ने दी।
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मंगला और गो सुरक्षा टास्क फोर्स की प्रभारी व डीआईजी भारती अरोड़ा ने बुधवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक ली। इसमें प्रदेश में नए गो संवर्धन एवं गो संरक्षण एक्ट 2015 की जानकारी दी गई। साथ ही गो संरक्षण के लिए जिले में हुई अब तक की प्रगति की जानकारी हासिल की।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मंगला ने कहा कि हरियाणा में गाय की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए प्रदेश सरकार ने पहला एक्ट पास किया था। नए एक्ट में गाय को नुकसान पहुंचाने पर कड़े सजा के प्रावधान हैं। जिन गांवों में गोचरांद की भूमि है, उस भूमि को गोशालाओं को लीज पर दिया जाएगा। साथ ही यदि पंचायत प्रस्ताव पारित करके देगी तो वहां सरकार गो अभ्यारण्य स्थापित करवाएगी।
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भारती अरोड़ा ने कहा कि गो संवर्धन को स्लाटर के लिए राज्य से बाहर ले जाना, बेचना अपराध है, जिसमें कड़ी सजा का प्रावधान रखा गया है। इसके साथ-साथ किसी भी व्यक्ति को गो संवर्धन को या अन्य पशुओं को प्रदेश से बाहर भी ले जाना पड़े तो पशुपालन विभाग से प्रमाण-पत्र लेना होगा। गो तस्करी की स्थिति में वाहन को जब्त करके एसडीएम इन वाहनों की नीलामी करवाएंगे। इन वाहनों को सुपुर्ददारी पर नहीं छोड़ा जा सकता। गाय को अपाहिज करना, गो वध करना अब नए अधिनियम के अनुसार गंभीर अपराध की श्रेणी में माना जाएगा। इसी प्रकार गाय का मांस रखना, बेचना व खरीदना, गाय के मांस प्रयोग होने वाले सभी प्रकार के उत्पादों को भी प्रतिबंधित किया गया है। डीआईजी ने कहा कि गायों की नस्लों को बचाने के लिए प्रशासन और पुलिस को विशेष प्रयास करने होंगे। हमारे प्रदेश में गाय की 100 नस्लें थी, जबकि अब केवल 36 नस्लें ही बची हैं।
बैठक में रवि प्रकाश गुप्ता, एसडीएम मंदीप कौर, जिला न्यायवादी मुनीष कुकरेजा, आचार्य योगेंद्र, कुलबीर खरब, श्रवण गर्ग, सचिव ओपी छिक्कारा, डीएसपी सतीश गौतम, तरूण कुमार, जोगिंद्र कुमार उपस्थित थे।

सरकार की गो सरंक्षण के लिए योजनाएं
1. प्रदेश में 5 जिलों में पानीपत, सिरसा, हिसार, भिवानी, यमुनानगर में गो अभ्यारण्य स्थापित किए जाएंगे।
2. प्रत्येक जिला स्तर पर गो संरक्षण के लिए अलग से टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
3. प्रदेश में 426 गोशालाओं में 3 लाख 17 हजार गायों के लिए अनुदान देने के साथ-साथ सरकार की तरफ से आत्म निर्भर बनाने के लिए विशेष कार्य योजना तैयार की गई है। इनमें गोशालाओं में बायो गैस संयंत्र, एलपीजी, बिजली व जैविक खाद का उत्पादन, इन उत्पादों की मार्केटिंग।
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4. 20 एकड़ से अधिक क्षेत्र में स्थापित 130 गोशालाओं को आर्थिक मदद दी जाएगी। गोशालाओं को 4 करोड़ 32 लाख रुपये की राशि दी जा चुकी है।
5. बैलों से खेती करने पर 50 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान करेगी।
6. गाय के गोबर व मूत्र से फिनाईल एवं औषधियां तैयार करके उनकी बिक्री की व्यवस्था भी की जाएगी।
7. मांस के सैंपल की जांच के लिए प्रदेश में यमुनानगर व फरीदाबाद में प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।
8. प्रत्येक जिले में पशु एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है, जोकि किसी भी घायल पशु को पशु औषद्यालय तक पहुंचाने में मदद करेंगे।
9. हरियाणा में गाय के पालन को बढ़ावा देने के लिए 5 गाय पालने पर 50 प्रतिशत सब्सिडी तथा 200 गाय पालने पर 25 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी।
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