संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जींद रोड पर रेलवे ओवरब्रिज के पास से ट्रक यूनियन के आगे से नई अनाज मंडी तक कुछ लोगों ने सड़क पर जहां अवैध मीट मार्केट खोल रखी है। वहीं, सड़क पर अवैध कब्जा करके अपनी दुकानें तक बना ली हैं। इतना ही नही जाखौली अड्डा से नई मंडी तक जिला प्रशासन की ओर से जनता के आने जाने के लिए दो मार्गीय सड़क तो बना दी, लेकिन उसकी कोई सुध नहीं ली जा रही।
सड़क के एक तरफ तो अवैध कब्जे के चलते हमेशा बंद रहती है। अब जनता को दो मार्गीय होते हुए भी एक साइड से गुजरना पड़ता है, क्योंकि इस सड़क पर भी अवैध कब्जा करके कुछ कब्जाधारियों ने अपनी अवैध दुकानें बना ली हैं और उनमें सरेआम अवैध मांस-मीट की दुकानें खोल रखी है। यही नहीं प्रशासन ने अवैध कब्जे वाली अवैध मीट मार्केट में लाइसेंस भी जारी कर दिए हैं।
यहां के निवासी राजकुमार, जितेंद्र, सतीश कुमार, बलबीर सिंह, हरजीत कौर, लाजपत, सुरेद्र, राम कुमार, जयपाल आदि ने बताया कि वे यहां से अवैध कब्जा हटवाने व अवैध मीट मार्केट बंद करवाने के लिए कई साल से प्रयास कर रहे हैं। जिला प्रशासनिक अधिकारी अवैध कब्जा व अवैध मार्केट बंद करवाने की बजाए उन पर ही मारपीट के मामले बना देते है।
उन्होंने बताया कि नगर परिषद, एसडीएम, उपायुक्त, विधायक, कई मंत्रियों के चक्कर लगाने के साथ वे मुख्यमंत्री तक को वे इस बारे में अवगत करवा चुके है। प्रशासन की ओर से झूठी रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों व मंत्रियों को दी जाती है। बताया कि हर रोज नगर परिषद व योजना विभाग अवैध कब्जे हटवाने के दावे तो करते है, लेकिन शिकायत के बाद भी उनको यह अवैध कब्जे व अवैध मीट मार्केट नजर नहीं आती।
लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उनकी शिकायतें हमेशा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती है। उन्होंने मांग की है कि सड़क के दोनों मार्ग सुचारू रूप से चालू करके अवैध कब्जे हटवाए जाएं व अवैध मीट मार्केट को भी बंद किया जाए। नगर परिषद कैथल के कार्यकारी अधिकारी कुलदीप मलिक ने बताया कि शहर में कहीं मांस- मीट की मार्केट नहीं है। लाइसेंस लेकर ही विक्रेता यह काम कर रहे हैं।