संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। पबनावा गांव में मंगलवार को 1993 में निसिंग गोली कांड में जान गंवाने वाले किसान मामचंद व लखपत का शहीदी दिवस में मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन भाकियू प्रदेश महासचिव भूरा राम पबनावा की अध्यक्षता में किया। पबनावा बस स्टैंड पर शहीद मामचंद की प्रतिमा के पास प्रदेश भर से भारी तादाद में किसान एकत्रित हुए और शहीद मामचंद व लखपत अमर रहे के नारों के साथ शहीद मामचंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
किसान नेता भूरा राम ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा की एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग कल भी थी आज भी है और आगे भी रहेगी। जब तक सरकार उनकी इस मांग को पूरा नही करती तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा, चाहे इसके लिए बड़ी से बड़ी कुर्बानी भी देनी पड़े तो पीछे हटने वाले नही है।
उन्होंने कहा कि 42 दिनों से पंजाब व हरियाणा की सीमाओं पर किसान एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे है। खनौरी बाॅर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की हालत लगातार नाजुक होती जा रही है, लेकिन केंद्र सरकार ने आज तक उनसे बातचीत तक करना उचित नहीं समझा। भाकियू हरियाणा प्रधान जोगिंद्र घासी राम नैन ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने संयुक्त किसान मोर्चा के साथ दिल्ली बार्डर पर वादा किया था कि तीनों काले कृषि कानूनों का रद्द करके एमएसपी की कानूनी गारंटी दी जाएगी लेकिन केंद्र सरकार ने किसानों के साथ वादाखिलाफ करके किसान विरोधी होने का सबूत पेश किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को इतना कमजोर ना समझे। जब किसान कड़कती धूप व कड़ाके की सर्दी में धरती का सीना चीर कर अन्न उगाकर देश का पेट भरना जानता है, तो वह अपने अधिकारों के लिए भी लड़ाई लड़ना जानता है। नैन ने केंद्र सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि किसानों के सब्र का इम्तिहान लेना बंद कर दे और शीघ्र ही आंदोलनरत किसानों के साथ बातचीत करें।
इस अवसर पर जिया लाल, अजीत सिंह हाबडी, सतपाल दिल्लोंवाली, सेवा सिंह आर्य, बलवान कौल, बलवान पाई, करतार सिंह पाई, बाबू राम कामरेड, श्रीराम मोहना, बनी सिंह राणा कैथल, कामरेड राज कुमार, सुरेंद्र चौशाला भी मौजूद रहे।