संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। चुनाव के चलते इस बार धान की सरकारी खरीद शुरू न होने के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर की तीनों मंडियां धान से अटी पड़ी हैं। राइस मिलरों की हड़ताल के कारण मंडियों में धान उठान का कार्य काफी प्रभावित हो रहा है। धान की फसल का उठान न होने से किसानों सहित आढ़तियों की भी परेशानी बढ़ रही है।
गौरतलब है कि धान के सीजन में पहले तो सरकारी खरीद का कार्य सही ढंग से ठीक नहीं हो पाया है। दूसरा अब पिछले चार दिन से किसान धरना प्रदर्शन कर रोष जता रहे हैं। किसानों की ओर से प्रदर्शन के बावजूद संबंधित विभाग की ओर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिले में पिछले एक सप्ताह में महज 30 हजार क्विंटल धान की खरीद हो पाई है। जबकि अब तक जिले में करीब डेढ़ लाख क्विंटल धान की आवक हो चुकी है।
हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन के जिला प्रधान सचिन मित्तल ने कहा कि सरकार ने उनकी मांगों को पूरा करने को अड़ियल रवैया अपनाया हुआ है। मिलर्स के प्रतिनिधिमंडल के सरकार के साथ बातचीत भी की, लेकिन बैठक में अब तक कोई हल नहीं निकला है। मित्तल ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे तब तक एक भी दाना सीएमआर पॉलिसी के तहत सरकार से नहीं लेंगे। इसके साथ ही परमल धान की खरीद भी पूरी तरह से बंद कर दी है।
बिना मिलरों के प्रक्रिया है अधूरी
अनाज मंडी एसोसिएशन के प्रधान रामकुमार ने बताया कि सरकार राइस मिलरों की मांग नहीं मान रही है। इस कारण मंडियों में धान के उठान का कार्य काफी प्रभावित हुआ है। यदि राइस मिलर्स ही खरीद की प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनेंगे तो किसान की धान की फसल का माल गिला रहेगा।
मार्केट कमेटी कैथल के सचिव बसाऊ राम ने बताया कि सरकारी खरीद का कार्य सुचारू रुप से जारी है। इसके तहत अब तक 30 हजार से अधिक क्विंटल पीआर किस्म के धान की खरीद की जा चुकी है। मंडी में आ रहे किसानों की सभी समस्याओं का हल किया जा रहा है।