Market committee locked out at the Grain Market gates
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सरकार के आदेशानुसार इस वर्ष गेहूं के सीजन में पूंडरी अनाज मंडी व रसीना केंद्र को बारदाना मुक्त रखने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके तहत दोनों अनाज मंडी के गेटों में से आवाजाही लिए 1-1 गेट को खोलकर अन्य सभी गेटों पर ताले लगा दिए गए हैं। ये तालेबंदी सरकार की 1 अप्रैल से खरीद योजना के साथ ही मार्केट कमेटी विभाग द्वारा कर दी गई है, जबकि अभी तक क्षेत्र के किसानों की गेहूं की फसल न पकने के कारण कटाई नहीं की जा रही है। जिसके चलते जिन किसानों का शेड्यूल में नाम भी आ रहा है वो गेहूं लेकर नहीं पहुंच रहे हैं। किसानों की फसल लगभग तैयार है और अगले सप्ताह से मंडियों में गेहूं अधिक मात्रा में पहुंचना शुरू होने की पूरी संभावना है, लेकिन कमेटी अधिकारियों द्वारा निर्देश दिए जा रहे हैं कि मंडी में आने वाले गेहूं की ट्रालियों को सरकार के मापदंडो अनुसार चेक करने के पश्चात संबंधित खरीद एजेंसी के अधिकारी आढ़ती के माध्यम से गेट पास कटवाकर के किसानों को सीधा साइलो गोदाम सोलु माजरा भेजेंगे, ताकि मंडी में किसी भी किसान की फसल न डलवाई जाए।
सचिव दीपक कुमार का कहना है कि उनके पास अभी तक लिखित में अनाज मंडी में गेहूं डलवाने के कोई भी आदेश नहीं हैं। अनाज डालने को लेकर के किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल उनसे मिलकर लिखित में उन्होंने अपनी मांगे रखी थी, जिसे उन्होंने उसे उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दिया था। उच्चाधिकारियों से उन्हें जैसे भी आदेश मिलते हैं वे उसके अनुसार ही कार्य करेंगे। इसके अलावा जिन किसानों का पोर्टल शैड्यूल के अनुसार फसल बेचने का नंबर आता है और वे किसी कारणवश अपनी फसल उस दिन नहीं बेच पाते तो वे ई-पोर्टल पर अपने शेड्यूल को बदलवा भी सकते हैं।
भाकियू के राष्ट्रीय सलाहकार अजीत सिंह हाबड़ी, युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना, बलवान पाई व भूराराम पबनावा की जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। जिसमें किसानों व भाकियू पदाधिकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ तय किया था कि जो किसान साइलोज गोदाम में अपनी फसल लेकर जाना चाहे तो लेकर जाए, अन्यथा किसान पहले की भांति ही अनाज मंडी के अंदर अपनी फसल को डालेंगे। किसानों ने यह भी कहा था कि जो किसान साधन संपन्न नहीं हैं वो साइलो गोदामों में अपनी फसल को नहीं ले जा सकते और किसानों पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंध न लगाया जाए और एसडीएम संजय सिंह ने मौखिक रूप से किसानों को आश्वस्त भी किया था कि किसानों की सुविधा अनुसार उन्हें रियायत दी जाएगी।