संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका/कैथल। किसान दिल्ली कूच की वजह से टटियाना बॉर्डर पूरी तरह से बंद है। इस वजह से चीका व मार्बल का कारोबार ठप हो गया है। इस कारण पिछले तीन दिन में करीब एक करोड़ रुपये व्यापार प्रभावित हुआ है। कैथल व चीका में प्रतिदिन लाखों रुपये का पत्थर पंजाब के विभिन्न जिलों में जाता है, लेकिन अब बॉर्डर बंद होने से मार्बल मार्केट भी ठप हो चुकी है। अब तो मार्बल व्यापारियों ने यह आवाज भी उठानी शुरू कर दी है कि टटियाना बॉर्डर को खाली कराया जाए।
चीका की मार्बल मार्केट हो या राइस मिल हो या फिर, चीका की छोटी मंडी बाजार। चीका की मार्बल मार्केट से लेकर
शहर के कारोबार की स्थिति कमजोर हो गई है। सर्दी के इस मौसम में मार्बल 30 फीसदी बिकता था, मार्केट में पंजाब के ग्राहक न होने से मार्बल का कारोबार
ठप हो गया है। व्यापारी बोले- पहली बार इस सीजन में मार्बल दुकानदारों को बड़ा झटका लगा है।
आंदोलन से पिटा मार्बल का कारोबार
मार्बल का सीजन किसान आंदोलन से पिट गया है। पंजाब से मार्बल के ग्राहक न आने के कारण बिक्री ठप हो गई। जिसे मार्बल व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि महीने का करीब एक करोड रुपये का घाट मार्बल मार्केट को भुगतना करना पड़ रहा है।
- हरजीत सीड़ा, मार्बल विक्रेता।
मार्बल मार्केट पर भी आंदोलन का असर-
चीका समेत पंजाब व दूसरे प्रदेशों में मार्बल की सप्लाई करने वाली मार्बल मार्केट पर भी आंदोलन का असर देखने को मिल रहा है। चीका में करीब 30 से 35 मार्बल की दुकान हैं, हर रोज कारोबार लगभग 30 लाख रुपये का होता है। मार्बल कारोबारी भी पंजाब के ग्राहक ना आने से परेशान के हैं। - सुखपाल, मार्बल विक्रेता।
टटियाना बॉर्डर खुले तो मिले राहत
टटियाना बार्डर पर जब किसान ही नहीं आए तो प्रशासन से मांग है कि बॉर्डर को खोला जाए ताकि काम धंधा चल सके उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से अपील है कि किसानों से बातचीत कर उनकी समस्या का समाधान करें। 30 फीसद तक व्यापार प्रभावित हुआ है। यहां से पंजाब माल जाता है।- सौरभ गुप्ता, मार्बल विक्रेता।