संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। लगातार हो रही बारिश ने कस्बा ढांड के कई परिवारों पर मुसीबत का पहाड़ तोड़ दिया। कई मकानों की छतें गिर गईं, जबकि दर्जनों घरों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। इस वजह से गरीब परिवार खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं।
रूमा देवी और मोहनलाल ने बताया कि बरसात के दौरान उनके मकान की छत अचानक गिर गई। गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त परिवार का कोई सदस्य घर के भीतर मौजूद नहीं था, वरना बड़ी अनहोनी हो सकती थी। उन्होंने बताया कि अब पूरा परिवार डर के साये में जी रहा है।
संतरो, रामफल, रानी, कृष्णा देवी, अनीता देवी, प्रकाश और गीता देवी समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि उनके मकानों में दरारें पड़ चुकी हैं, जिससे कभी भी दीवारें और छत ढह सकती हैं। लोग घरों के अंदर रहने से डर रहे हैं और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
प्रशासन ने दी राहत ः ग्राम सचिव अश्वनी शर्मा ने बताया कि रूमा देवी और अनीता के परिवार को अस्थाई रूप से प्रजापति धर्मशाला में शिफ्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के आदेशानुसार, बरसात के मौसम में जिन गरीबों के घर गिर जाते हैं, उनके लिए तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है।
पीड़ित परिवारों की मांग ः पीड़ितों ने प्रशासन से अपील की है कि उनके मकानों की मरम्मत के लिए तुरंत आर्थिक सहायता दी जाए और स्थायी समाधान की व्यवस्था की जाए, ताकि वे दोबारा सुरक्षित घरों में रह सकें।