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मनरेगा मजदूरों की आईडी ऑनलाइन करवाने व काम दिलवाने के नाम पर पैसे ऐंठने का हुआ मामला उजागर बीडीपीओ कार्यालय में भारी संख्या में

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कलायत। मनरेगा मजदूरों की आईडी ऑनलाइन करवाने के साथ साथ काम दिलवाने के नाम पर पैसे ऐंठने का मामला उजागर हुआ है। बीडीपीओ कार्यालय में भारी संख्या में पहुंची महिलाओं को कार्यालय में एक साथ देखकर एबीपीओ सुरेश चहल द्वारा पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही मौके पर महिला पुलिस कर्मी सहित टीम के साथ थाना प्रभारी विलासा राम ने महिलाओं को समझा-बुझाकर अपने अपने गांव भेजा गया। बीडीपीओ कार्यालय के बाहर पहुंची दर्जनों महिलाओं ने बताया की उनको गांव बात्ता का ही एक व्यक्ति आईडी बनवाने और काम दिलवाने के लिए लेकर आया है। आरोप है कि बीडीपीओ कार्यालय के बाहर ही बनी दुकान में 130 रुपये लेकर ऑनलाइन आईडी बनाकर मनरेगा के तहत काम भी दिलवाए जाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि उन्हें जॉब कार्ड बनने के बाद भी कई कई महीनों से काम नहीं मिला है व काम के लिए कलायत बीडीपीओ कार्यालय पहुंची हैं। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी बिलासा राम ने कहा उक्त मामले की जांच की जा रही है जिस भी व्यक्ति द्वारा महिलाओं को यहां लाया गया है और पैसे वसूले गए हैं उसके खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी।
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वसूलने की शिकायत मिलते ही पुलिस को किया सूचित
एबीपीओ सुरेश चहल ने बताया कि एक दुकानदार द्वारा आईडी बनवाने के नाम पर पैसे लेने और लॉकडाउन के दौरान बीडीपीओ कार्यालय में महिलाओं की इतनी बड़ी उपस्थिति को लेकर तुरंत पुलिस को सूचित कर दिया था। उन्होंने बताया कि बीडीपीओ कार्यालय के बाहर किसी भी दुकानदार द्वारा कोई आईडी या जॉब कार्ड नहीं बनवाया जा सकता। जॉब कार्ड और आईडी के लिए गांव के सीएससी सेंटर और बीडीपीओ कार्यालय में ही आना होता है। उन्होंने कहा कि काम के लिए और आईडी बनवाने के लिए किसी को भी कोई पैसा विभाग द्वारा नहीं लिया जाता है। उन्होंने लोगों से ऐसे धोखेबाज लोगों के झांसे में ना आने की अपील की।
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