संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले के गांव मानस निवासी 14 वर्षीय उभरती मुक्केबाज वंशिका ने कम उम्र में ही बॉक्सिंग के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए जिले और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। वंशिका अब तक कई बड़ी उपलब्धियां अपने नाम कर चुकी हैं, जिनमें सब-जूनियर स्टेट गोल्ड मेडल, स्कूल स्टेट गोल्ड मेडल और सब-जूनियर नेशनल सिल्वर मेडल प्रमुख हैं।
अपनी शानदार प्रतिभा और निरंतर मेहनत के बल पर वंशिका को पटियाला में आयोजित इंडिया कैंप में भाग लेने का अवसर भी प्राप्त हुआ है, जिसे उनके उज्ज्वल खेल भविष्य की मजबूत नींव माना जा रहा है। पिछले तीन वर्षों से वंशिका शहर के इंडोर स्टेडियम में बॉक्सिंग कोच अमरजीत के मार्गदर्शन में कड़ी ट्रेनिंग कर रही हैं।
कोच अमरजीत का कहना है कि वंशिका में अनुशासन, आत्मविश्वास और कठिन परिश्रम की जबरदस्त क्षमता है। यदि इसी तरह मेहनत जारी रही तो वह आने वाले समय में राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का माद्दा रखती हैं।
वंशिका का परिवार भी खेलों से गहराई से जुड़ा हुआ है। उनके पिता नरेंद्र सिंह हरियाणा पुलिस में कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता मुकेश गांव की पूर्व सरपंच रह चुकी हैं। खेलों के प्रति वंशिका की रुचि को विशेष प्रेरणा उनकी चाची, भीम अवॉर्डी, से मिली, जो हैंडबॉल की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रह चुकी हैं और वर्तमान में खेल विभाग में कोच के पद पर कार्यरत हैं। इस मजबूत खेल वातावरण ने वंशिका को आगे बढ़ने की निरंतर प्रेरणा दी।
वंशिका का सपना आगामी जूनियर एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन करना है। उनकी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास को देखकर यह कहा जा सकता है कि वह अपने लक्ष्य की ओर मजबूती से आगे बढ़ रही हैं। वंशिका ने बताया कि उन्होंने बॉक्सिंग का सफर महज एक वर्ष पहले शुरू किया था। सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश की संकीर्ण सोच के बीच उन्होंने अपने सपनों को साकार करने का साहस दिखाया और कभी हार नहीं मानी।
उपलब्धियां
जूनियर नेशनल 2024 – कांस्य पदक
सब-जूनियर नेशनल 2025 – स्वर्ण पदक
हरियाणा स्टेट चैंपियनशिप 2025 – रजत पदक
संघर्ष ने बनाया मजबूत : कोच अमरजीत
कोच अमरजीत ने बताया कि वंशिका के लिए यह सफर आसान नहीं रहा। समाज की रूढ़िवादी सोच के बावजूद पिता और बेटी दोनों में शुरुआत से ही कुछ बड़ा करने का जुनून था। वंशिका ने कभी डर को अपने पास नहीं आने दिया और इसी आत्मविश्वास के कारण वह आज इस मुकाम पर पहुंची है।