कैथल। मौसम में हुए बदलाव के बाद अब मलेरिया व डेंगू के बढऩे की आशंका के चलते स्वास्थ्य विभाग व नगर परिषद सतर्क हो गया है। मच्छरों से बचाव के लिए फॉगिंग शुरू कर दिया गया है।
मौसम में परिवर्तन के बाद अब डेंगू व मलेरिया के प्रकोप का खतरा बढ़ा है। इस पर अमर उजाला ने सार्वजनिक स्थलों सहित अन्य जगहों पर पनप रहे मच्छरों की समस्या उठाई थी। इसके बाद अब नगर परिषद ने शहर में कई जगहों पर फॉगिंग का कार्य शुरू करवा दिया है।
एंटी लारवा गतिविधि बढ़ाई
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एंटी लारवा की गतिविधि को बढ़ाया गया है। इसके तहत विभिन्न गांवों में तालाबों में गंबूजियां मछली डाली जा रही हैं।
जिले में डेंगू व मलेरिया को लेकर जांच के लिए कुल 280 टीमों का गठन किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मलेरिया व डेंगू को लेकर शुरू किए गए डोर-टू-डोर सर्वे के तहत अब तक एक लाख 66 हजार 932 घरों का सर्वे किया है। राहत की बात यह है की डेंगू व मलेरिया का कोई केस नहीं मिली है।
पिछले छह साल से मलेरिया मुक्त है जिला-
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अच्छे प्रयास से वर्ष 2018 से कैथल जिला मलेरिया मुक्त है। वर्ष 2017 से लेकर अब तक एक भी मलेरिया का केस नहीं मिला है। वहीं, वर्ष 2021 को छोडर्क अन्य सभी वर्षों में डेंगू के केसों में भी लगातार गिरावट आई है। पिछले साल डेंगू के 116 केस मिले थे।
मलेरिया के नोडल अधिकारी व डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. नीरज मंगला ने बताया कि मलेरिय व डेंगू से बचाव के लिए विभाग लगातार कार्य कर रहा है। इसके तहत एंटी लारवा की गतिविधि भी लगा ार की जा रही है। वहीं, फॉङ्क्षगग के लिए 20 लीटर की दवा नगर परिषद को मुहैया करवाई गई है।