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Kaithal News: बायोमीट्रिक, गेटपास पर माजरा ने उठाए सवाल

Sat, 28 Mar 2026 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा ने हरियाणा में गेहूं खरीद सीजन के दौरान मंडियों में लागू किए गए नए नियमों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मंडियों में बायोमीट्िक हाजिरी, ट्रैक्टर-ट्राली की अनिवार्यता, गेटपास का सुबह छह से आठ बजे तक सीमित समय और डाटा मिसमैच जैसी व्यवस्थाएं सही ढंग से लागू नहीं की गई हैं। इससे किसानों को फसल बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि बुजुर्ग किसानों को बायोमीट्रिक हाजिरी में कठिनाई होगी, क्योंकि उंगलियों के निशान घिस जाने के कारण मशीन उन्हें पहचान नहीं पाती। वहीं, इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर होने या सर्वर डाउन रहने की स्थिति में मंडियों में लंबी कतारें लग सकती हैं।
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माजरा ने यह भी कहा कि यदि कोई किसान स्वयं मंडी नहीं पहुंच पाता, तो उसे पहले से तीन व्यक्तियों को नामांकित करना अनिवार्य किया गया है, अन्यथा फसल बेचने में बाधा आ सकती है। उन्होंने प्रदेश सरकार और संबंधित अधिकारियों से मांग की कि इन नियमों में जल्द सुधार किया जाए, ताकि किसानों और आढ़तियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

गुहला चीका। गेहूं खरीद सीजन से पहले नई गेटपास नीति पर मंडियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। आढ़तियों के साथ-साथ किसान भी इस व्यवस्था से नाराज नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि बायोमेट्रिक अनिवार्यता से खरीद प्रक्रिया में देरी होगी और किसानों की परेशानियां बढ़ेंगी।

सरकार के इस नियम के विरोध में भाकियू चढूनी के प्रदेश उपाध्यक्ष चमकौर सिंह बनेड़ा, जिला उपाध्यक्ष केवल सदरेहड़ी सहित कई किसान मार्केट कमेटी के सचिव सतबीर राविश से मिले और नियमों में बदलाव की मांग उठाई।

इसके बाद मार्केट कमेटी सचिव ने अग्रवाल धर्मशाला में आढ़तियों की बैठक बुलाई। बैठक में सचिव सतबीर राविश ने बताया कि किसान जिस ट्रैक्टर-ट्रॉली में गेहूं लेकर आएगा, उस पर आगे नंबर प्लेट होना अनिवार्य होगा, ताकि वाहन की फोटो लेकर सत्यापन किया जा सके।

उन्होंने बताया कि अनाज मंडी में गेटपास जारी करने का समय सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक रहेगा और किसानों को निर्धारित समय के अनुसार ही अपनी फसल मंडी में लानी होगी। बैठक में आढ़ती सुरेश प्रजापति, रूलदू राम, कश्मीर लाल गर्ग और सुशील जिंदल ने इस नीति पर नाराजगी जताई है। संवाद
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नई गेटपास नीति का उद्देश्य खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और फर्जीवाड़े पर रोक लगाना है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि फसल वास्तविक किसान द्वारा ही बेची जा

रही है। -जगमाल राणा, चेयरमैन, मार्केट कमेटी चीका।
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