डेरा बाबा राजपुरी में महंत की गद्दी पर बैठे बाबा महेश पुरी। संवाद
कैथल। गांव बाबा लदाना स्थित बाबा राजपुरी डेरे में साधु शिव शंकर पुरी की हत्या के बाद सोमवार को ग्रामीणों ने पंचायत कर बड़ा फैसला लिया। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से बाबा महेश पुरी को डेरे की महंत की गद्दी सौंप दी। वहीं हत्या के मामले में गिरफ्तार डेरे के पूर्व महंत दूज पुरी के गांव में प्रवेश पर रोक लगा दी। पंचायत के फैसले के बाद उन्हें गांव निकाला दे दिया गया।
डेरे की व्यवस्था और संपत्ति की देखरेख के लिए ग्रामीणों की 31 सदस्यों की कमेटी भी गठित की जा चुकी है। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण बाबा राजपुरी डेरे में एकत्र हुए। पंचायत में ग्रामीणों और साधु समाज की मौजूदगी में बाबा महेश पुरी को विधिवत गद्दी पर बैठाया गया। ग्रामीण रिटायर्ड इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार और भजना राम ने कहा कि बाबा राजपुरी की गुरु परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए महेश पुरी को गद्दी सौंपी गई है। डेरे की आय-व्यय, पशुओं और फसल आदि की देखरेख के लिए ग्रामीणों की कमेटी काम करेगी।
कमालपुर से बाबा लदाना पहुंचे महेश पुरी : बाबा महेश पुरी अब तक गांव कमालपुर स्थित बाबा राजपुरी डेरे से जुड़े रहे हैं। ग्रामीणों के संपर्क करने के बाद उन्हें बाबा लदाना लाया गया। महंत महेश पुरी करीब 55 वर्ष के हैं और उन्होंने करीब 20-22 वर्ष की उम्र में संन्यास ले लिया था। उनका मूल संबंध हिसार जिले के खेड़ी चौपटा क्षेत्र से बताया गया है।
डेरा बाबा राजपुरी में महंत की गद्दी पर बैठे बाबा महेश पुरी। संवाद