गांव सांघन के श्रृंगी ऋषि आश्रम के महंत रामभज की हत्या कैथल मेेेें करीब 80 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी वाले प्राचीन हनुमान मंदिर की गद्दी हथियाने के लालच का परिणाम थी। स्वयं महंत रामभज ने इस मंदिर के मुख्य पुजारी महंत राघवदास शास्त्री की हत्या के लिए बदमाशों को 5 लाख रुपये की सुपारी दी थी, लेकिन एडवांस भुगतान को लेकर हुए विवाद में बदमाशों ने महंत रामभज की ही हत्या कर दी। पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद एसपी शशांक सावन ने सोमवार को पत्रकारवार्ता में यह खुलासा किया है।
एसपी ने बताया कि 24 जून की रात को महंत रामभज की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने बेल्लरखां के कुलबीर, महंत छविदास और मेहरा नामक व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। मामले की जांच करते हुए सीआईए-1 प्रभारी इंस्पेक्टर अनूप सिंह व थाना कलायत प्रबंधक इंस्पेक्टर सोमवीर की टीम ने कुलबीर वासी बेलरखा से व्यापक पूछताछ की, जिसमें पता चला कि महंत रामभज दास का पिछले एक साल से पुराना बाजार कैथल स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के 98 वर्षीय महंत राघव दास शास्त्री के पास आना-जाना था। बाबा छविदास भी महंत राघव दास के पास आता था, जिसको महंत राघव दास शास्त्री के बाद गद्दी मिलनी थी। ऐसे में साजिश के तहत बाबा रामभज दास ने नरवाना में रह रहे सिरसा के अजय मेहरा के साथ संपर्क कर बुजुर्ग महंत की हत्या और उसका इल्जाम बाबा छविदास पर लगाने की योजना बनाई। इसके लिए बदमाश अजय मेहरा ने 5 लाख रुपये मांगे। जिसमें से 50 हजार रुपये एडवांस दे दिए थे। घटना के दिन अजय की महंत रामभज के साथ 50 हजार रुपये और देने को लेकर तकरार हो गई और अजय ने 5 अन्य साथियों द्वारा सोनीपत से लूटी गई गाड़ी से डंडे निकाल कर महंत पर हमला कर दिया। इसके बाद आरोपी महंत की स्विफ्ट डिजायर गाड़ी और मोबाइल, कुलबीर का मोबाइल तथा पर्स छीनकर मौके से फरार हो गए।
सीआईए-1 प्रभारी इंस्पेक्टर अनूप सिंह की अगुवाई में एसआई बिजेंद्र सिंह की टीम ने आरोपी गुरमीत निवासी खरक पांडवा तथा राजन निवासी नरवाना और उनको शरण देने वाले आरोपी अजय मेहरा के जीजा आरोपी अनिल वासी हिसार व विकास उर्फ कूका वासी नरवाना तथा मंजीत उर्फ मन्नी वासी ढाकल सहित 5 आरोपियों को काबू कर लिया। मौके के गवाह कुलबीर निवासी बेल्लरखां के सोमवार को माननीय न्यायालय के समक्ष 164 सीआरपीसी अंतर्गत बयान कलमबद्ध करवाए गए। वहीं आरोपी गुरमीत व राजन का वारदात में लिप्त मुख्य आरोपी अजय मेहरा सहित शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से तीन दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।