संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के छात्रावास रोड स्थित प्राचीन महाकाल शिव मंदिर आस्था का केंद्र बना है। इस मंदिर की स्थापना महाभारत काल के समय पांडवों ने ग्यारह रुद्री मंदिर की स्थापना के बाद की थी।
इस मंदिर में हर त्रियोदशी पर भव्य आयोजन किया जाता है जबकि शिवरात्रि पर मेले का आयोजन कर भंडारा लगाया जाएगा। इस मंदिर की देखरेख श्री महाकाल सेवा समिति की ओर से की जा रही है।
इस मंदिर की दूसरी विशेषता यह है कि पूरे मंदिर का निर्माण चूने की ईंटों से किया गया है।
श्री महाकाल सेवा समिति के प्रधान वेद प्रकाश गर्ग ने बताया कि मंदिर में सावन माह के उपलक्ष्य यहां पर सैकड़ाें की संख्या में श्रद्धालु भोले बाबा का जलाभिषेक करने के लिए पहुंच रहे हैं।
गर्ग ने बताया कि इस मंदिर में बाबा की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस समय काफी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव की अराधना करने के लिए पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही समिति की ओर से भगवान की नई मूर्तियों की स्थापना करवाई जा रही है।