संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिलेभर में संविधान दिवस पर मंगलवार को कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में संविधान दिवस मनाकर लोगों को जागरूक किया।
इसी कड़ी में पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय तितरम में संविधान दिवस के उपलक्ष्य में बच्चों ने सुबह छह से सात बजे तक प्रभात फेरी से लोगों को जागरूक किया। स्कूल के मुख्य हॉल में भी संविधान दिवस शीर्षक पर एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता करवाई, जिसमें विद्यार्थियों को संविधान से संबंधित विभिन्न प्रश्नों से अवगत कराया गया।
यह प्रतियोगिता प्राचार्य सुचिता गुप्ता के सान्निध्य में जितेंद्र कुमार पीजीटी इतिहास के निर्देशन में संपन्न हुई। प्राचार्या ने प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को पुरस्कार वितरित किए।
पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने एसपी राजेश कालिया के निर्देशानुसार पुलिस लाइन में संविधान दिवस के अवसर पर 26 नवंबर सुबह 11 बजे भारत के संविधान की प्रस्तावना पढ़ी। जिसमें बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने शामिल होकर हिस्सा लिया। इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक सुशील प्रकाश ने पुलिस कर्मचारियों व अधिकारियों को बताया कि भारत के संविधान में लोकतंत्र की आत्मा बसती है। हमारा संविधान नागरिकों को नैतिक कर्तव्यों, मौलिक अधिकारों एवं अभिव्यक्ति की आजादी प्रदान करता है और एक-समानता का पूरक है।
दिलों में है संविधान : खुरानिया
आईजी पीजी महिला महाविद्यालय में राजनीति विज्ञान विभाग व इलेक्टोरल क्लब के संयुक्त तत्वाधान में कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें बतौर मुख्यातिथि प्रबंधक समिति के प्रधान राम बहादुर खुरानिया ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि संविधान सभा ने संविधान को 26 नवंबर 1949 को स्वीकार किया था। इसीलिए हमारे देश में प्रति वर्ष 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। संविधान हम सबके दिलों में है।
प्राचार्या डॉ. आरती गर्ग ने बताया कि संविधान सिर्फ दस्तावेज नहीं, लाखों लोगों के बलिदानों का परिणाम है। सांयकालीन सत्र की प्राचार्या प्रभारी श्वेता तंवर, राजनीति विज्ञान विभाग से दीप्ता मंगल, रेनू बाला और इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब की इंचार्ज सीमा गोयल उपस्थित रहे।