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Kaithal News: कबड्डी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान, अब खेत में लगा रही धान

Sat, 13 Jul 2024 07:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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राजिंद्र तंवर
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कैथल। गांव डीग निवासी अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी बीरो देवी अपनी मेहनत के दम पर खेल कर भारत का नाम विश्व स्तर पर ला चुका चुकी है। उसने अपने देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर भी पहचान दिलाई है। इसके बावजूद वह खेत में काम कर धान लगा रही है। उसे नौकरी नहीं मिली तो वह अब मेहनत मजदूरी कर रही है। बीरो देवी सरकारी नौकरी ने मिलने के कारण हताश होकर ऐसा कर रही है।

बीरो देवी ने बताया कि उसने वर्ष 2006 से गांव डीग के सरकारी स्कूल में खेलना शुरू किया था। उस समय उनके पीटीआई सेवानिवृत्त रामकुमार थे। उसने स्कूली खेलों में राज्य स्तर पर भाला फैंक प्रतियोगिता में भाग लेकर भी पदक जीता था। स्कूल से 10वीं व 12वीं करने के बाद वर्ष 2011 में आरकेएसडी कॉलेज में दाखिला लिया व 2014 में उच्च शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उसने कबड्डी खेल में रुचि बना ली।
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उसने बताया कि वर्ष 2008 में पिता हुकम चंद का देहांत हो गया। इसके बाद माता सावित्री देवी ने खेतों में मेहनत कर उसका पालन पोषण किया। इसके बाद वह एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनी। बीरो देवी ने बताया कि वे एक मध्यम मध्यम परिवार से है। परिवार में वे पांच बहन व भाई हैं। इसमें तीन बहने व दो भाई हैं। इतने खेल पदक जीतने के वर्षों बाद भी उसे सरकारी नौकरी नसीब नहीं हो सकी। उसने बताया कि कुछ साल पहले ही नौकरी के लिए खेल कोटे से आवेदन किया, लेकिन उसकी सूची अभी तक सरकार की ओर से जारी नहीं की है।

बीरो देवी ने बताया कि उसकी ग्रुप डी ईएपी 4/2018 में भती हु़ई थी, जिसमें कुल 1800 पद थे। जिसमें 18 हजार 288 कुल पद थे। इसमें से 1500 पद खेल कोटे से थे। वर्ष 2019 में बिना दस्तावेजों की जांच किए बिना ही सीधी भर्ती कर दी। यदि उस समय दस्तावेज जांचे जाते तो वे अयोग्य होती। कुछ वर्ष पूर्व हाईकोर्ट में केस कर दिया था और केस जीत भी गए लेकिन तभी सरकार ने फर्जी तरीके से भर्ती हुए पात्रों हटा दिया। अब 342 पर लिस्ट लगनी है। दो वर्ष पूर्व पंचकूला के सेक्टर पांच में उनके दस्तावेजों की जांच की जा चुकी है।

खिलाड़ी बीरो देवी ने बताया कि उसके साथ ही अन्य पात्र परवीन, परविंद्र, राजेश, सुदेश, रीटा, सुनील, सोनू, राजिंद्र, कुसुम, ममता ने बताया की वर्ष 2022 में हम सभी पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी मिले ओर उनके समक्ष अपनी मांग रखी तो उन्होंने भी आश्वासन दिया।

इसके बाद कैथल के वृंदावन गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में छह मांग पत्र अलग अलग पात्रों के माध्यम से दिए थे। आश्वासन के बावजूद उनकी कोई बात नहीं बन सकी है। संवाद
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अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी बीरो देवी की खेल उपब्धियां
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वर्ष 2006 में स्कूली प्रतियोगिता अंबाला में कांस्य पदक।

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वर्ष 2008 में जम्मू कश्मीर में कबड्डी चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक।

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वर्ष 2011 में भिवानी में स्कूली प्रतियोगिता में कांस्य पदक।

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वर्ष 2011 में मोरमाजरा गुरुकुल में इंटर कॉलेज सर्कल कबड्डी में आरकेएसडी टीम के साथ खेलते हुए स्वर्ण पदक।

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वर्ष 2011 में ऑल इंडिया विवि नागपुर में ऑल इडिया इंटर में आरकेएसडी टीम के साथ कांस्य पदक।

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ऑल इंडिया इंटर में सोलन में आरकेएसडी टीम के साथ कांस्य पदक।

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वर्ष 2012 में अंतरराष्ट्रीय कबड्डी कप मलेशिया में स्वर्ण पदक।

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वर्ष 2012 में फरीदाबाद में कबड्डी विश्व कप में स्वर्ण पदक।

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वर्ष 2012 में मतलोडा सरस्वती कॉलेज में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता में भी टीम के साथ कांस्य पदक।

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वर्ष 2014 में सोनीपत में एकेएफआई सीनियर राज्यस्तरीय प्रतियोंगिता में रजत पदक।

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वर्ष 2016 मेंं कुरुक्षेत्र विवि से उसने मास्टर डिग्री एमपीएड की ओर वहां भी यूटीडी की तरफ से भी विभिन्न कबड्डी प्रतियोगिताओं में भाग लिया। इसके बाद नागपुर से बीपीएड की ओर वर्ष 2022 में फिर आरकेएसडी कॉलेज से पीजी में पढ़ाई।
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