पूंडरी। राजकीय आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पूंडरी में चल रहे यूथ एंड इको क्लब के सात दिवसीय शिविर के पांचवें दिन विद्यार्थियों को जल संचयन के बारे में बताया। अध्यापक सुनील दत्त ने कहा कि धरती पर शुद्ध जल का स्तर घटता जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पृथ्वी का दो तिहाई भाग जल और एक तिहाई भाग थल है। यद्यपि जल इस ग्रह का सर्वाधिक उपलब्ध संसाधन है, परंतु मानव उपयोग के लिए यह तीव्र गति से दुर्लभ होता जा रहा है। इस अपार जल राशि का लगभग 97.5 प्रतिशत भाग खारा है और 2.5 प्रतिशत भाग मीठा है।
इस मीठे जल का भी 75 प्रतिशत भाग हिमखंडों के रूप में, 24.5 प्रतिशत भूजल, 0.03 प्रतिशत नदियों, 0.34 प्रतिशत, झीलों एवं 0.06 प्रतिशत वायुमंडल में विद्यमान है। ज्यों-ज्यों पृथ्वी की आबादी में वृद्धि एवं सभ्यता का विकास होता जा रहा है, जल का खर्च बढ़ता जा रहा है। हम जल को बचाने के लिए विभिन्न तरीकों का प्रयोग कर सकते हैं। जैसे-जल संचयन, नहाते समय बाल्टी का प्रयोग करें, ब्रश करते समय पात्र का प्रयोग करें।
संदीप स्वामी ने कहा कि जल के महत्व को आप तमिलनाडु राज्य और दिल्ली से भी समझ सकते है कि जल हमारे लिए कितना कीमती है। सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि आरओ के वेस्ट पानी का भी कपड़े धोने और घर को साफ करने में प्रयोग किया जा सकता है। उसे भी व्यर्थ में नहीं बहाना चाहिए। इस अवसर पर सुशील सैनी, कपिल सिंहमार और रोहतास उपस्थित रहे। संवाद