संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। शारदीय नवरात्र रविवार से शुरू होगी। इस दिन से नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाएगी। नवरात्रि के पहले दिन घरों और मंदिरों में कलश स्थापना होगी। साथ ही माता की आराधना शुरू हो जाएगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार रविवार और सोमवार को नवरात्र शुरू होने पर मां दुर्गा का वाहन हाथी माना जाता है।
पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया कि इस बार माता रानी हाथी पर सवार होकर आएंगी। वहीं नवरात्र का समापन मंगलवार को होगा इसलिए माता का प्रस्थान घोड़े पर माना जाएगा। गज को धन-धान्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में श्रद्धालु नवरात्र में माता की आराधना कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना कर सकते हैं। शुक्र की स्थिति को लेकर शांडिल्य ने कहा कि इस समय शुक्र तारा अस्त है।
ज्योतिषीय मान्यता में शुक्र का संबंध दांपत्य सुख, विवाह और व्यापार से माना जाता है। उनके अनुसार शुक्र तुला राशि में होने से व्यापार के क्षेत्र में कई लोगों को लाभ मिल सकता है, लेकिन नए प्रतिष्ठान या कारोबार के उद्घाटन के लिए कुछ समय रुकना बेहतर रहेगा। ऐसे लोग कार्तिक मास में शुभ मुहूर्त देखकर उद्घाटन कर सकते हैं।
शारदीय नवरात्र पर ग्रहों संयोग
पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्र के दौरान ग्रहों और नक्षत्रों का अच्छा शुभ संयोग बनेगा। 17 अक्तूबर को सूर्य कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में गोचर करेंगे। जहां पर शुक्र और बुध पहले से मौजूद हैं, जिससे त्रिग्रही योग बनेगा। वहीं शुकादित्य और बुधादित्य राजयोग का निर्माण होगा। इस दौरान गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में रहेंगे जिससे हंस राजयोग, शुक्र तुला राशि में जिससे मालव्य राजयोग बनेगा। 11 अक्तूबर को चंद्रमा तुला राशि में प्रवेश करेंगे जिससे शुक्र संग युति करते हुए कलात्मक योग का निर्माण होगा।