कैथल। शहर में जगह-जगह बिजली के तार लटक रहे हैं। इसके अलावा जर्जर लोहे के खंभे और जमीन पर खुले ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं। हल्की हवा चलते ही तार टूटने लगते हैं और घंटों तक बिजली गुल रहने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
उपभोक्ताओं के अनुसार मानसून में स्पार्किंग, शॉर्ट सर्किट और करंट लगने जैसी घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है लेकिन निगम की ओर से कभी भी प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते हैं।
शहर के सेक्टर-18, 19 और 20 में सबसे पुरानी बिजली लाइनें अब भी लटकी हुई हैं। इसके अलावा शहर के तलाई बाजार, गांधी मार्केट, जनता मार्केट व अन्य जगहों पर जर्जर व ढीली तारे सबसे ज्यादा दिखाई दे रही हैं। कई स्थानों पर बिजली लाइनें मकानों की छतों, बालकनियों और पेड़ों से सट रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि महीनों पहले पुराने पोल बदलने और तारों को व्यवस्थित करने की योजना शुरू हुई थी लेकिन यह योजना कागजों में ही दिखाई दे रही है। तेज हवा और बारिश के दौरान तार टूटने की घटनाएं आम हो चुकी हैं। कई बार फ्यूज उड़ने और तकनीकी खराबी के कारण घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। बारिश के मौसम में इनके कारण शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा भी बढ़ जाता है।
विक्रम सिरटा
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