संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड (कैथल)। बारदाना की मांग पर किसानों ने बुधवार को अदानी साइलो में तालाबंदी कर दी। इससे पूर्व किसानों सहित ढांड व आस-पास के गांवों से आए लोगों ने सुबह के समय मंडी बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर विस्तार अनाज मंडी में किसान महापंचायत की। इसमें सैंकड़ों की संख्या में किसान पहुंचे। तय कार्यक्रम के अनुसार समाज सेवी विकास तंवर ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
भारी पुलिस बल के साथ सीटीएम सहित दो डीएसपी मौके पर पहुंचे। इन अधिकारियों ने किसानों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने और दोपहर के समय अदानी साइलों पर तालाबंदी कर दी। पूरे घटनाक्रम के दौरान भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।
इस किसान महापंचायत का मुख्य उद्देश्य अनाज मंडी में गेहूं की तुलाई के लिए मंडी में बारदाना मुहैया करवाना रहा। महापंचायत में हिस्सा लेने वाले किसानों सहित मजदूरों ने आरोप लगाया कि कोरोना का बहाना लगाकर ढांड मंडी में बारदाना देना बंद कर दिया था, लेकिन छह साल बीत जाने के बावजूद आज तक मंडी में सरकार ने बारदाना देना उचित नही समझा। इससे किसान सोलू माजरा अदानी साइलो में गेहूं बेचने के लिए कई-कई दिनों तक लंबी कतार में लगने को मजबूर हो रहे हैं।
समाजसेवी व जिला पार्षद प्रतिनिधि विकास तंवर ने कहा कि वे इसके लिए कई बार उपायुक्त को लिखित में कई बार गुहार लगे चुके है, लेकिन उनका एक ही जवाब है कि यह मसला एफसीआई वाले ही हल कर सकते है। उन्होंने कहा कि गेहूं का सीजन नजदीक है। बावजूद इसके जिला प्रशासन मंडी में बारदाना देने के लिए हामी नही भर रहा है। अब तो हमारे पास केवल एक ही विकल्प बचा है कि जब तक बारदाना नही दिया जाता तब तक साइलो के गेट की तालाबंदी की जाए। मौजूद सभी ने हाथ उठाकर इसका समर्थन किया।
इसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और देखते ही देखते मंडी पुलिस छावनी में तब्दील हो गई। डीएसपी ललित यादव, डीएसपी उमेद सिंह, सीटीएम गुरविंद्र सिंह, ढांड थाना प्रभारी सुनीता ढाका ने किसानों को समझाने का प्रयास किया परंतु किसान एक ही बात पर अडिग रहे कि जब तक डीसी आकर आश्वासन नही देता कि मंडी में बारदाना मुहैया करवा दिया जाएगा तब तक वे अदानी साइलो को तालाबंदी का इरादा नही बदल सकते। लगभग दो घंटे का समय देने के बाद भी जब डीसी किसानों के बीच नही पहुंचे तो किसानों ने सोलूमाजरा अदानी साइलो की तालाबंदी के लिए वाहनों पर सवार होकर कूच किया।
इससे पहले पुलिस बल ने साइलो के गेट की घेरेबंदी कर दी। जब किसान वहां पहुंचे तो पुलिस प्रशासन ने गेट की तालाबंदी नही करने के लिए समझाया, लेकिन वो एक ही मांग बार-बार दोहराते रहे कि डीसी मौके पर आकर बारदाना देने का आश्वासन दे तो तालाबंदी का इरादा बदल जाएगा। इसके बाद तीन बजे किसान पुलिस की मौजूदगी में तालाबंदी करने में सफल रहे। इसके बाद किसानों को संबोधित करते हुए विकास तंवर ने कहा कि जब तक हमें डीसी बारदाने का आश्वासन नहीं देते तब तालाबंदी जारी रहेगी।
70 वर्षों से चली आ रही अनाज मंडी को हम बंद नही होने देंगे। अनाज बेचने के लिए लाइनों में लगाना कहां की इंसानियत है। जब प्रदेश की सभी मंडियों में किसान अपना अनाज बेच रहे है तो हमें इससे वंचित क्यों रखा जा रहा है। अधिकारी हमें बताएं कौन से कानून के तहत किसानों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है। अभी तक प्रदेश में ऐसा कोई कानून नही बना है कि मंडियों में किसानों के अनाज के लिए बारदाना नही दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश का सभी मंडियों में बारदाना बंद होगा तो तब हम भी देख लेंगे। लेकिन हम अपने अधिकारों का शोषण नही होने देंगे। तालाबंदी के बाद किसानों ने वहीं पर लंगर लगाया और मिलजुल कर भोजन ग्रहण किया। इसके बाद सवा चार बजे पुलिस प्रशासन किसानों की पांच सदस्यों की कमेटी को लेकर डीसी से बातचीत के लिए लेकर कैथल रवाना हुए। जिससे बातचीत के जरिए कोई समाधान निकल आए।
लेकिन किसान अभी भी तालाबंदी कर मौके पर धरना दिए बैठे हैं।