संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। अनाज मंडी में मजदूरों ने वीरवार को हड़ताल कर दी। लदान बहुत धीमा होने के कारण मंडी में गेहूं की बोरियां बहुत अधिक बकाया पड़ी हैं और लदान के लिए जो गाडिय़ां लगी हैं उनकी संख्या बहुत कम है। इसके चलते मंडी में गेहूं की बोरियां अटी पड़ी हैं। गाड़ियों की संख्या कम होने के कारण मजदूरों को काम नहीं मिल पा रहा है। लदान धीमा होने के कारण मजदूरों को उनकी पूरी दिहाड़ी तक नहीं मिल पा रही है। इसी का विरोध करते हुए मजदूरों ने सीवन मंडी में हड़ताल कर दी और काम बंद रखा व नारेबाजी की।
नाराज मजदूरों का कहना था कि एक आढ़ती के पास केवल एक ही गाड़ी दिन में आती है। यदि उसे भरा जाता है और मजदूरों को अपनी मजदूरी का हिसाब लगाएं तो उन्हें 100 रुपये प्रति दिन की दिहाड़ी भी नहीं मिल पा रही है। इससे उनका गुजारा होना कठिन है। इसके बारे में ठेकेदार को भी बोला गया है कि गाडिय़ों की संख्या बढ़ाई जाए और साथ ही मार्केट कमेटी के अधिकारियों को भी बोला गया है, परंतु गाडिय़ों की संख्या बढ़ाई नहीं गई है। जब तक गाड़ियों की संख्या बढ़ाई नहीं जाती है वह हड़ताल पर रहेंगे और लदान का कार्य रुका रहेगा।
सीवन मंडी के प्रधान अमरेंद्र खारा ने कहा कि सीवन मंडी में लदान का कार्य बहुत ही धीमा चल रहा है। इस समय मंडी में करीब तीन लाख बैग गेहूं पड़ा है, जिसका लदान होना बाकी है। परंतु गाड़ियों की संख्या कम होने के कारण बहुत बहुत परेशानी हो रही है। मंडी के सभी आढ़ती मजदूरों के साथ हैं और उनकी मांग जायज भी है। यदि उन्हें उनकी मजदूरी ही पूरी नहीं मिल पाएगी तो मंडी में काम कौन करेगा। इसके साथ ही गेहूं मंडी में पड़ी है तो उसमें घटौती भी हो रही है जिसकी जिम्मेदारी आढ़ती की होती है लेकिन लदान धीमा होने की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। यदि लदान न होने के कारण घटौती होती है तो उसका जिम्मेदार ठेकेदार होगा और जो भी नुकसान होगा वह ठेकेदार से भरपाई करनी चाहिए। इस अवसर पर उनके साथ कृष्ण गर्ग, हैप्पी बंसल, विनोद बंसल, विवेक गोयल, संगीत बंसल, जितेंद्र सरदाना आदि मौ
जूद थे।
उधर, सीवन मंडी में ठेकेदार अनिल ने बताया कि इस समय मंडी में 13 गाड़ियां लदान में लगी हुई हैं। प्रत्येक गाड़ी 3 से 4 चक्कर प्रतिदिन लगा रही है। जल्द ही गाड़ियों की संख्या को बढ़ाया जाएगा और लदान के कार्य में तेजी लाई जाएगी।