कैथल। हरियाणा की तरह से नेपाल में भी विदेश में अमेरिका सहित अन्य देशों में जाकर कमाई करने का क्रेज है। वहां बेरोजगारी से तंग आकर हमारे देश की तरह से युवक-युवतियां विदेश जाना चाहते हैं। कैथल पुलिस द्वारा कोलकाता से मुक्त करवाए गए नेपाली युवक-युवतियों ने यह खुलासा किया।
नेपाल के युवकों ने बताया कि वे आठवीं से दसवीं पास हैं। उन्हें वहां के एजेंटों ने अमेरिका जाने का लालच देकर 50 से 60 लाख रुपये का लालच दिया था। उनके राज्य दांग से कई युवक-युवतियां अमेरिका जा चुके हैं। इसी कारण वे भी विदेश में जाकर कमाई करना चाहते थे, लेकिन वे गलत एजेंटों के हाथों चढ़ गए। हिंदी बोलने व समझने वाले इन युवक-युवतियों ने कहा कि वे वहां कोई भी काम करने को तैयार थे। अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटी दो नेपाली युवतियों में जुबंरा से सुनी दास्तां रोंगटे खड़ी कर देने वाली है। युवती सीता व करिस्टी श्रेष्ठ ने बताया कि वे अमेरिका में रोजगार की तलाश में जाना चाहती थी।
उनकी एजेंट से 60 लाख रुपये में बातचीत हुई। 30 लाख रुपये दे भी दिए थे। पहले अपहरणकर्ताओं ने उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट पर बुलाया। वहां से अपहरणकर्ता महिलाएं कोलकाता लेकर गए। पहले दिन अपहरणकर्ताओं ने उन्हें एक अच्छे होटल में वीआईपी खाना खिलाया। इसके बाद गैंग में शामिल महिला ने उनसे मारपीट की। वे बस बार-बार पैसे मंगवाते और कमरे से बाहर तक नहीं निकलने दे रहे थे। करीब तीन महीने तक उन्हें बंधक बनाकर रखा।