कैथल/कलायत। जिले में हर जगह दिवाली मनाई गई लेकिन कलायत में पर्व पर ‘ग्रहण’ लग गया। सात वर्षीय मासूम की निर्मम हत्या से गमगीन ग्रामीणों ने काली दिवाली मनाई। कलायत थाना क्षेत्र के जिस गांव में इस माह सात वर्षीय मासूम बेटी की दुष्कर्म के बाद पेट्रोल छिडक़ कर निर्मम हत्या की गई थी, उसमें इस बार काली दिवाली मनाई गई। करीब 350 वर्ष से आबाद इस गांव में पहली बार ऐसा हुआ जब दीपोत्सव पर गांव ने अंधकार की चादर ओढे़ रखी। बेटी की हत्या के गम में डूबे 36 बिरादरी के लोगों ने गांव न दीप जलाए और न पटाखे चलाए।
न खुशी की मिठाई बंटी और न पकवान तैयार हुए। यहां तक कि बेटी के हत्यारे को फांसी की सजा दिलाने की मांग को लेकर रात्रि सात से आठ बजे एक घंटा गांव में रोशनी देने वाले सभी उपकरण भी बंद ही रखे गए। घनी आबादी के इस गांव में चार पट्टी हैं और 36 बिरादरी के लोग आपसी सौहार्द एवं भाईचारे से रहते आएं हैं। गौरतलब है नौ अक्तूबर को गांव के जंगल में एक बेटी का अधजला शव मिला था। इस वारदात को इसी गांव के एक युवक ने ही अंजाम दिया था। पुलिस ने मासूम के साथ दरिंदगी को अंजाम देने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेजा।