संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. नंदिता कौशिक की अदालत ने हत्या और लूट के एक मामले में तीन दोषियों को सजा सुनाई है। इसमें दोषी गौरव उर्फ गुरविंद्र और विरेंद्र उर्फ विशाल निवासी खेड़ी शर्फ अली जिला करनाल को उम्र कैद और 80-80 हजार रुपये के जुर्माना लगाया है।
जुर्माना न देने पर इन्हें छह महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इसी केस में एक अन्य दोषी रामबीर को सात साल कैद व 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर चार महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
इस बारे में सुखबीर सिंह निवासी राजौंद ने थाना राजौंद में केस दर्ज करवाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से कैसे की पैरवी उप जिला न्यायवादी सुखदीप सिंह ने की। कोर्ट फाइल के हवाले से सुखदीप सिंह ने बताया कि घटना सात नवंबर 2019 की है। शिकायतकर्ता सुखबीर का पिता सुमेर चंद खेड़ी शर्फ अली बैंक से करीब एक लाख रुपये निकलवा कर आ रहा था तो राजौंद पीएनबी बैंक वाली गली के अंदर दो अज्ञात आरोपियों ने सुमेर चंद के साथ मारपीट की और रुपये का थैला छीनकर भाग गए। अज्ञात बदमाशों ने मुंह बांध रखा था।
पुलिस की जांच में हमलावरों की पहचान गौरव उर्फ गुरविंदर निवासी, वीरेंद्र सिंह उर्फ विशाल और रामवीर सभी निवासी खेड़ी सर्फ अली जिला करनाल के रूप में हुई। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस हिरासत के दौरान तीनों ने कबूल किया कि जब सुमेर चंद पीएनबी बैंक से पैसे निकलवा कर गली में पैदल जा रहा था तो उन्होंने बाइक से पीछा करते हुए उसके हाथ से रुपयों का बैग छीन लिया तथा उसके सिर में लाठी से चोटें मारी जिससे वह नीचे गिर गया।
सुमेर चंद को पहले कैथल के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया, वहां से उसे जीरकपुर रेफर कर दिया गया। आठ जनवरी 2020 को इलाज के दौरान सुमेर चंद की मौत हो गई थी। इस बारे में पुलिस ने चालान तैयार करके अदालत में पेश किया। एडीजे डाॅ. नंदिता कौशिक ने केस को सुनने के बाद तीनों को दोषी पाया व सजा सुनाई।