फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: संशोधित- कोरोना काल में लगाए स्वास्थ्य कर्मी हटाने से कोरोना जांच का कार्य हो रहा प्रभावित

Sun, 09 Apr 2023 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
कैथल। शुक्रवार को जिले में चार महीने के बाद कोरोना की एंट्री हो चुकी है। इस समय कोरोना के कुल छह एक्टिव केस जिले में है। एक तरफ जहां कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ कलायत की कोरोना जांच लैब में स्टाफ की कमी के कारण कोरोना की जांच का कार्य प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन


दरअसल, यह समस्या कोरोना काल में लगाए स्वास्थ्य कर्मी हटाने के कारण पैदा हुई है। यहां पर महज तीन ही कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। ऐसे में कोरोना के सैंपलों की रिपोर्ट देरी से आ रही है। कोरोना के सैंपलों की संख्या के अनुसार यहां पर लैब में पूरे 15 कर्मियों का स्टाफ होना जरूरी है, लेकिन यहां पर ऐसा नहीं है। यह तीन कर्मचारी भी जिला नागरिक अस्पताल से डेपूटेशन पर भेजे गए हैं।

यहीं नहीं, यहां पर लैब तकनीशियनों से लेकर कंप्यूटर ऑपरेटर की कमी है इसलिए ही सैंपलों की रिपोर्ट में अधिक देरी हो रही है। स्टाफ की कमी में कारण दो दिन में आने वाली जांच रिपोर्ट को चार से पांच दिन लग रहे हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लैब में कर्मचारियों की कमी के बीच जिला नागरिक अस्पताल से डेपूटेशन पर लैब तकनीशियनों को कलायत भेजा है।
विज्ञापन

मिला और एक केस अब जिले में संक्रमित छह
शुक्रवार को एक साथ पांच नए मामले सामने आने के बाद शनिवार को भी कोरोना का एक नया मामला सामने आया है। इसी बीच अब जिले में एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर छह हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी अनुसार, मशीन में एक बार में 96 सैंपल लगते हैं। इन 96 सैंपलों के पूरा होने के बाद

ही जांच रिपोर्ट आती है। अभी करीब 418 सैंपलों की रिपोर्ट पेंडिंग है। गौरतलब है कि जिले में अब तक कुल 377 लोगों की मौत कोरोना से हो चुकी है।

सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि कलायत की लैब में व्यवस्था बनाने के लिए तीन कर्मचारी डेपूटेशन पर लगाए हैं। यह लगातार कार्य कर रहे हैं। एक बार में करीब 100 सैंपलों की रिपोर्ट एक साथ आती है। इसलिए ही ऐसा हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें