कैथल। सरकार ने 49 कालोनियों की सूची नगर परिषद कार्यालय में प्रस्ताव डालकर वैध करने के लिए भेजी थी। इन सभी कालोनियों की प्रक्रिया पार्षदों के विरोध के कार लटकी हुई है। पिछले माह हाउस की बैठक में जिन 27 कालोनियों को 25 प्रतिशत से अधिक विकसित होने की बात कहकर पारित करते हुए डीएमसी कार्यालय भेजा गया था, उन पर डीएमसी कार्यालय ने आपत्तियां लगा दी हैं। शेष 22 कालोनियों में नप अब सर्वे करने की बात कही जा रही है। इन कॉलोनियों के लोगों को अभी सड़क, सीवरेज जैसी सुविधाएं मिलने में समय लगेगा।
विदित रहे कि सरकार ने 49 कालोनियों की सूची नगर परिषद में भेजी थी। जिन्हें हाउस की बैठक में पास किया जाना था। 29 नवंबर को हुई हाउस की बैठक में कई पार्षदों ने विकसित न होने वाली कालोनियां भी इस सूची में होने के कारण एतराज जताया था। इसके बाद हाउस की बैठक में 25 प्रतिशत तक विकसित हो चुकी कालोनियों को वैध करने व शेष कालोनियों का सर्वे करवाने का प्रस्ताव पारित किया था। इस प्रस्ताव के अनुसार पंत नगर, अमृतसरिया डेरा, अर्जुन नगर एक्सटेंशन वन, ओशोपुरम, डिफेंस कॉलोनी एक्सटेंशन-दो, ऑक्सफोर्ड स्कूल कॉलोनी, शुगर मिल कॉलोनी पार्ट-एक से चार, भगत सिंह कालोनी एक्सटेंशन एक से दो, जनकपुरी कालोनी एक्सटेंशन तीन, हरीनगर, देवीगढ़ कालोनी फेस-2, बालाजी नगर, शहीद भगत सिंह कालोनी एक्सटेंशन, जनकपुरी एक्सटेंशन-वन, जीवन राइस के पीछे कॉलोनी नई अनाज मंडी के निकट, सैनी कालोनी, देवबन वाली गामड़ी, हैरिटेज स्कूल के निकट की कालोनी, मायापुरी कालोनी एक्सटेंशन, रणधीर कालोनी फेस-वन, शक्ति नगर पार्ट-1, देवीगढ़ कालोनी फेस-1, भगत सिंह कालोनी एक्सटेंशन चार सहित कुल 27 कालोनियों को शामिल किया था।
इसके अलावा मलिक नगर, बसंत विहार कालोनी, खनौरी रोड, स्टार सिटी कालोनी, कपिल नगर कालोनी, ओशोपुरम एक्सटेंशन, गोपाल नगर, केशव मार्केट, रिच्छा राम कालोनी, रुद्रा एनक्लेव, आनंद विहार कालोनी, फ्रांसवाला रोड कालोनी, जनकपुरी एक्सटेंशन दो, मोतीबाग कालोनी एक्सटेंशन, सच कैंटीन के पीछे की कैंटीन, राधास्वामी सत्संग भवन कालोनी-दो, अमृतसरिया कालोनी एक्सटेंशन, कंबोज कॉलोनी एक्सटेंशन, पूनम एनक्लेव, गोपाल नगर एक्सटेंशन, किसान भवन कॉलोनी, रणधीर कॉलोनी फेस-दो सहित कुल 22 कालोनियां सरकार द्वारा भेजी गई सूची के अलावा बलराज नगर, शिव कालोनी, शिव नगर व बालसेठ कॉलोनी का ड्रोन सर्वे करवाने का फैसला लिया था।
अभी तक हाउस की बैठक में पास की गई कालोनियों में से भी कोई कालोनी वैध हुई है। लोग इस बात के इंतजार में हैं कि कब अवैध कालोनियां पास होंगी, कब उन्हें सुविधाएं मिलेंगी। वैध होने के बाद ही इन कालोनियों में गलियां, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट व अन्य सुविधाएं दी उपलब्ध हो पाएंगी।
कहां फंसा है मामला-प्रॉपर्टी मामलों के जानकार व्यक्ति ने कहा कि जो 49 कालोनियां डीटीपी कार्यालय के सर्वे के बाद नप में भेजी थी। उनमें ऐसी बहुत सी कालोनियां नहीं हैं, जो 20 से 30 साल पहले बसी हुई थीं। इन कालोनियों को लेकर पार्षदों ने आपत्ति दर्ज करवाई थी। साथ ही कई ऐसी कालोनियों के नाम आ गए थे, जो हाल ही में विकसित हुई हैं और नियमों पर खरा नहीं उतर रही। अब नगर परिषद में इन कालोनियों का सर्वे कब तक पूरा होगा, इस बात का सीधा सा जवाब किसी के पास नहीं हैं।
नप अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने बताया कि 27 कालोनियों का प्रस्ताव पारित किया है। इसके अलावा शेष कालोनियों का सर्वे किया जा रहा है। सभी कालोनियों के लिए सरकार ने एक फार्मेट भेजा है। उस फार्मेट में ही सभी कालोनियों की जानकारी भर कर भेजी जाएगी। यह कब तक हो जाएगा, इस बात का वे कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए।
इओ कुलदीप मलिक ने कहा कि 27 कालोनियों के प्रस्ताव पर डीएमसी कार्यालय से मामूली आपत्तियां दर्ज हुई हैं। शेष कालोनियों का सर्वे किया जा रहा है। अगले दो माह तक यह सर्वे पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद नियमों को पूरा करने वाली सभी कालोनियों की सूची सरकार को भेजी जाएगी।
तहसीलदार सुदेश मेहरा ने कहा कि तहसील कार्यालय में किसी कालोनी के नियमित होने बारे सूचना नहीं पहुंची है। जो कालोनी पहले से हैं, उन्हीं कालोनियों में रजिस्टरी हो रही हैं।