कलायत। नागरिक अस्पताल में 20 सप्ताह का भ्रूण छोड़कर एक महिला फरार हो गई। तेज पेट दर्द से निजात पाने का बहाना कर वह अस्पताल पहुंची थी। गर्भपात के बाद जब डॉक्टर अन्य कार्य में व्यस्त हो गए तो वह रिकवरी रूम से मौका देखकर वहां से निकल गई। इस काम में दो से तीन लोगों ने उसका सहयोग भी किया। फिलहाल भ्रूण का डीएनए परीक्षण कराने के लिए सैंपल करनाल मधुबन लैब भेजा गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
घटनाक्रम के अनुसार, अस्पताल पहुंची एक महिला ने बताया कि उसके पेट में दर्द है। पहले पर्चा बनवाया, जिसमें उसका नाम गलत बताया जाता है। उसकी हालत देखते हुए उसे निरीक्षण के लिए लेबर रूम में ले जाया गया। एसएमओ डॉ. आशीष गोयल ने बताया कि सबसे बड़ी पहली प्राथमिकता गर्भवती के स्वास्थ्य की थी। गौरतलब है कि औसत गर्भ अवधि 40 सप्ताह की होती है और इस प्रकार महिला के गर्भावस्था का लगभग आधा समय बीत चुका था। निर्णय लिया गया कि उसका गर्भपात करना पड़ेगा। करीब 20 सप्ताह के भ्रूण को निकाला गया।
इसके बाद महिला को देखभाल के लिए वार्ड में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस बीच उसे रिकवरी रूम में रखा गया। डॉ. आशीष ने बताया कि जब महिला से उसके साथ आए परिजनों के बारे जानकारी ली गई तो वह कुछ भी बताने में असफल रही। इस बीच जब डॉक्टर अन्य कामों में थोड़ा व्यस्त हो गए तभी महिला मौका देखकर अन्य सहयोगियों के साथ वहां फरार हो गई। मामले में एसएमओ की तरफ से अलग-अलग दो शिकायतें कलायत थाना में दी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उधर, सूत्रों ने बताया कि नागरिक अस्पताल के बाहर स्थित साईं मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज में महिला और उसके सहयोगियों को देखा गया है। दो बाइकों पर महिला समेत चार लोग अस्पताल आए थे। दूसरी ओर कलायत थाना प्रभारी बलदेव सिंह मलिक ने बताया कि प्रवर चिकित्सा अधिकारी की शिकायत पर अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया है। साथ ही जिन लोगों ने इस मामले में महिला का साथ दिया उनके खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस इसकी जांच कर रही है।