फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मजदूरों ने दो बजे तक बंद रखा काम

Mon, 14 Dec 2015 12:06 AM IST
कैथल/अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
 
विज्ञापन



अनाज मंडी में शनिवार को मजदूर की मौत से गुस्साए मजदूरों ने रविवार सुबह हड़ताल कर दी। मृतक मुकेश की की मौत के लिए ओवरलोडिंग को जिम्मेवार बताते हुए मजदूरों ने ओवरलोडिंग न करने का फैसला लिया। करीब दो बजे तक अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन एवं अधिकारियों के आश्वासन के बाद मजदूर काम पर लौटे।

विदित रहे कि शनिवार को ट्रक में धान की लोडिंग कर रहे एक मजदूर मुकेश की ट्रक से गिरने से मौत हो गई। जिसके विरोध में रविवार सुबह अनाज मंडी के सभी मजदूरों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया। मजदूर एकत्रित होकर अनाज मंडी के निकट स्थित कम्यूनिटी सेंटर में पहुंचे। जहां मजदूरों ने कहा कि अनाज मंडी में नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से ओवरलोडिंग करवाई जा रही है। ट्रक में 46 लेन कट्टे आ सकते हैं। लेकिन व्यापारी 56 कट्टों की लेन तक लोडिंग करवाते हैं। कई बाद तो यह 70 लेन तक पहुंच जाती है।
विज्ञापन


 मजदूर यूनियन प्रधान बलवंत, राजकुमार, काला राम, सुरेंद्र, भरथू, काला सहित अन्य काफी संख्या में मजदूर उपस्थित थे। सभी ने अपने अपने विचार रखे और कहा कि कोई भी ठेकेदार अपनी लेबर से 46 से ज्यादा कि ढांग नहीं करवाएगा और यदि कोई ठेकेदार इससे बाज नहीं आता तो उस ट्रक को आरटीओ के हवाले करवा दिया जाएगा। उधर, पुलिस ने भादसा की धारा 174 के तहत मृतक के भाई हकीम की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है।

लालच में करवाई जा रही है ओवरलोडिंग
मजदूरों ने कहा कि व्यापारी अपना अधिक धान भेजने तथा ट्रक चालक अधिक किराया वसूलने के चक्कर में ओवरलोड माल को लोड किया जाता है। मंडी के अंदर से हर रोज लोड होने वाले सैकड़ों ट्रकों में एक भी ट्रक ऐसा नहीं होता जो ओवरलोड न हो। कोर्ट के आदेशों के बावजूद ओवरलोडिंग को लेकर प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

व्यापारी व ट्रक मालिक के खिलाफ भी दर्ज हो मामला
मजदूरों अरविंद, कालु, सोनी सहित अन्य ने मांग की है कि ट्रक में ओवरलोडिड ट्रक चालक व व्यापारी के खिलाफ भी मामला दर्ज होना चाहिए।

अपने पीछे विधवा पत्नी के साथ तीन छोटे बच्चों को छोड़ गया मृतक
मृतक मजदूर बिहार के अनजोला का रहने वाला था। मुकेश अपनी विधवा पत्नी के साथ तीन छोटे बच्चों को भी छोड़ गया। जिनमें एक लड़का व दो लड़कियां हैं। वह पिछले पंद्रह वर्षों से मंडी में मजदूरी का कार्य करता था।

हड़ताल से प्रभावित रहा काम
मंडी में इस समय 30 से 40 हजार बोरियों की हर रोज की आवक है। हड़ताल के कारण दोपहर दो बजे तक काम रुका रहा। जिससे किसानों को भी परेशानी हुई।

मजदूर की मौत एक हादसे के कारण हुई है। मंडी में कोई ओवरलोडिंग नहीं है। मजदूर की मौत पर एसोसिएशन की सहानुभूति उसके परिवार के साथ है। उसकी सहायता बारे एसोसिएशन की बैठक में प्रयास किया जाएगा।
अश्विनी शोरेवाला, प्रधान, अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन।

अनाज मंडी में मजदूर की मौत हुई है। मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा। ओवरलोडिंग की भी जांच करवाई जाएगी। बोर्ड के नियमानुसार मृतक मजदूर के परिवार की सहायता करवाई जाएगी।
विज्ञापन

संजीव सचदेवा, सचिव, मार्केट कमेटी।

इस माह काफी चालान किए गए हैं। साथ ही काफी संख्या में वाहनों को इंपाउंड किया गया है। यदि मंडी में ओवरलोडिंग हो रही है, तो वहां भी जांच अभियान चलाया जाएगा।
अमित गुलिया, आरटीए, कैथल।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें