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हरियाणा की घटनाओं पर मोदी कब करेंगे मन की बात : झिंडा

Tue, 01 Mar 2016 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूराो कैथल
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हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा ने कहा कि एक हफ्ते तक हरियाणा प्रदेश जलता रहा और प्रदेश सरकार हाथ पर हाथ रखे बैठी रही इससे साबित होता है कि विकास के फ्रंट पर पूरी तरह विफल रही खट्टर सरकार कानून एवं व्यवस्था संभालने के मामले में भी फेल है। झिंडा यहां गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी व नौंवी में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
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 वे गुरुद्वारे में नए बने भवन व पुराने भवन के कायाकल्प के अवसर पर रखे श्री अखंड पाठ साहिब के भोग में शामिल होने के लिए यहां आए थे। उन्होंने कहा कि हरियाणा कई दिनों तक बंधक बना रहा। कई हजार करोड़ की संपत्ति स्वाहा हो गई और 30 से अधिक लोगों की जान चली गई लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले में एक लफ्ज तक नहीं बोला। लोग इस बात से सदमे में हैं। मनमोहन सिंह को मौन मोहन सिंह कहकर खिल्ली उड़ाने वाले मोदी को हरियाणा के माथे पर कलंक की भांति टंगे इस कांड पर अपने मन की बात कहनी चाहिए थी लेकिन उन्होंने नहीं कही।

झिंडा ने कहा कि आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा व लूटपाट ने एक बार फिर 1984 के दंगों की याद दिला दी। उन्होंने कहा कि सरकार पिछले दिनों हरियाणा में घटे पूरे आरक्षण आंदोलन प्रकरण की गहन जांच करवाए। दोषी कोई बचे ना और निर्दोष कोई फंसे ना ऐसी पारदर्शी व्यवस्था सरकार को जांच के दौरान करनी चाहिए।
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झिंडा ने कहा कि मुरथल की घटनाएं अगर सच हैं तो यह केवल हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए शर्मनाक हैं। उन्होंने कहा कि एचएसजीएमसी अपने स्तर पर भी मुरथल मामले की जांच करेगी ताकि सच्चाई सामने आए और अगर कोई दोषी है तो उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले।

 मृतकों को मिले एक करोड़
झिंडा ने आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को कम से कम एक करोड़ रुपये व सरकारी नौकरी देने की मांग की। उन्होंने कहा कि मरने वाला किसी भी जाति या धर्म का हो, उसके आश्रितों को यह सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा घोषित 10 लाख रुपये की मुआवजा राशि नाकाफी है। इसके लिए जिन लोगों की दुकानों या घरों को उपद्रवियों ने नुकसान पहुंचाया है उनकी शत प्रतिशत भरपाई सरकार को करनी चाहिए।
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