संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। श्री कृष्ण कृपा सेवा समिति की ओर से श्री कृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में चल रहे संध्या संकीर्तन का सिलसिला सोमवार को समापन हो गया। इस मौके पर महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने बताया कि कृष्ण विपरीत परिस्थिति में भी सकारात्मक सोच रखने की सीख देते हैं।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर सोमवार को 21वें दिन के संकीर्तन प्रवीण वर्मा, सोनू वर्मा के निवास उधम सिंह कॉलोनी में हुआ। संकीर्तन में महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने श्रद्धालुओं को बताया कि यशोदा नंदन, देवकी पुत्र भारतीय समाज में कृष्ण के नाम से सदियों से पूजे जा रहे हैं। तार्किकता के धरातल पर कृष्ण एक ऐसे एकाकी नायक हैं, जिसमें जीवन के सभी पक्ष विद्यमान है। कृष्ण वो किताब हैं, जिससे हमें ऐसी कई शिक्षाएं मिलती हैं। कृष्ण विपरीत परिस्थिति में भी हमें सकारात्मक सोच रखने की सीख देते हैं। स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि कृष्ण के जन्म से पहले ही उनकी मृत्यु का षड्यंत्र रचा जाना और कारावास जैसे नकारात्मक परिवेश में जन्म होना किसी त्रासदी से कम नहीं था परंतु विपरीत वातावरण के बावजूद नंदलाला, वासुदेव के पुत्र ने जीवन की सभी विधाओं को बहुत ही उत्साह से जीवंत किया है। श्री कृष्ण की संपूर्ण जीवन कथा कई रूपों में दिखाई पड़ती है।
इस अवसर पर विधायक लीला राम, हैफेड चेयरमेन कैलाश भगत,नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग,राइस मिल एसोसिएशन हरियाणा प्रधान अमरजीत छाबड़ा, दिनेश पाठक, संजय गर्ग, इंद्रजीत सरदाना, राजकुमार मुखीजा मौजूद रहे।