सरकार पूरे जिले में महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध करवाकर करीब 50 लाख रुपये प्रति महीने हो रहे केरोसिन पर खर्च को बचाने जा रही है। जिस गति से गैस कनेक्शन दिए जा रहे हैं, उस हिसाब से 31 मार्च तक पूरा जिला केरोसिन मुक्त घोषित हो जाएगा। पहले चरण में सरकार ने 8 जिलों को केरोसिन मुक्त करने का एलान किया है। इन जिलों में एक नवंबर के बाद केरोसिन की सप्लाई नहीं होगी। इनमें कैथल जिला शामिल नहीं है। कैथल को अगले 8 जिलों की सूची में शामिल किया जाएगा।
पिछले साल सितंबर माह तक जिले में 3 लाख 60 हजार लीटर केरोसिन का तेल डिपो के माध्यम से वितरित किया गया। यदि सब्सिडी के बाद इसकी कीमत का अंदाजा लगाया जाए तो यह करीब 50 लाख रुपये बनता है। सरकार ने पिछले साल ही इन लागत को कम करने का प्रयास किया था। जिसके तहत पहले बीपीएल सूची में शामिल लोगों को करीब 14 हजार गैस कनेक्शन दिए गए। इसके बाद सरकार द्वारा अब आर्थिक एवं सामाजिक सर्वे में शामिल परिवारों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत पूरे प्रदेश के जिलों में सबसे अधिक निशुल्क गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं। योजना के तहत अब तक 15 हजार कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। इस तरह से जिले में करीब एक लाख 30 हजार से अधिक कनेक्शन हो गए हैं। इन दोनों योजनाओं से पूर्व करीब एक लाख गैस कनेक्शन सभी गैस एजेंसियों के पास थे।
केरोसिन मुक्ति के लिए बढ़ाए जा रहे हैं गैस कनेक्शन
जिले में डिपो के माध्यम से करीब 50 लाख रुपये का केरोसिन वितरित किया जा रहा था। पिछले साल सितंबर में यह 3 लाख 60 हजार लीटर था, जो इस बार घटकर 2 लाख 64 हजार लीटर रह गया है। इस तरह से यदि सरकार 31 मार्च तक जिले को केरोसिन मुक्त होने की घोषणा कर देती है तो सरकार को करीब 50 लाख रुपये के अलावा इस तेल पर दी जाने वाली सब्सिडी सहित लाखों रुपये की राशि बचेगी।
महिलाओं को स्वास्थ्य लाभ
केरोसिन या अन्य प्रकार के ईंधन का प्रयोग करने से महिलाओं को स्वास्थ्य का लाभ होगा। साथ ही उन्हें स्टोव फटने जैसे हादसों से भी निजात मिल सकेगी।
पहले चरण में आठ जिले एक नवंबर तक होंगे केरोसिन मुक्त
पहले चरण में अंबाला, गुड़गांव, झज्जर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, पंचकूला व यमुनानगर को एक नवंबर तक केरोसिन मुक्त करने का एलान किया गया है। अगले चरण में कैथल सहित अन्य जिलों को 31 मार्च तक केरोसिन मुक्त कर दिया जाएगा।
कालाबाजारी की भी मिलती रहती थीं शिकायतें
सरकार द्वारा सब्सिडी पर दिए जाने वाले केरोसिन के तेल की कई बार कालाबाजारी की भी शिकायतें मिलती रहती थीं। पुलिस में भी इस मामले में केस दर्ज करवाए गए। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने केरोसिन मुक्त अभियान चलाया है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत पूरे प्रदेश में कैथल जिले में सर्वाधिक 15 हजार से अधिक गैस कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। इससे पूर्व बीपीएल योजना के तहत भी कनेक्शन दिए गए। प्रयास किया जा रहा है कि विभागीय निर्देशानुसार 31 मार्च तक पूरा जिला केरोसिन मुक्त हो। पहले चरण में कैथल जिला केरोसिन मुक्त होने वाले जिलों में शामिल नहीं है।
मोनिका मलिक, डीएफएससी, कैथल।