संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। एकीकृत सहकारी समिति विकास परियोजना के तहत हुए घोटाले में अदालत ने मंगलवार को आरोपी अतिरिक्त रजिस्टार जितेंद्र कौशिक की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। इससे पहले गत सोमवार को आरोपी जितेंद्र की जमानत याचिका पर बहस भी की थी, लेकिन इस दौरान फैसला नहीं लिया था। इसके बाद मंगलवार को अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
गौरतलब है कि इस मामले में आरोपी जितेंद्र कौशिक के साथ संजय हुड्डा, विजय और कृष्ण भी अभी जेल में हैं। मामले में सोमवार को ही एंटी करप्शन ब्यूरो कैथल की टीम ने फिर से जांच शुरू की है। इसी जांच के तहत एक बार फिर से पैक्स व बैंकों में आए सामान के लेकर जानकारी लेना शुरू कर दी है। इस मामले जिले में करीब साढ़े 10 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है।
पैक्स और केंद्रीय बैंक की शाखाओं में फ़र्जी बिलों पर खरीदा है सामान ः सहकारी समिति में हुए भ्रष्टाचार के तहत कैथल जिले में भी पैक्स व केंद्रीय बैंक की शाखाओं में आरोपियों ने कोटेशन मंगवाने के तहत फर्जी बिलों पर सामान मंगवा भ्रष्टाचार किया है। इसी के तहत एसीबी की तीन टीमें जांच में जुटी हुई हैं। जल्द ही यह टीमें इन पैक्स व बैंक की शाखाओं में पहुंचकर सामान की जांच के तहत निरीक्षण करेंगी।
आरोपी जितेंद्र कौशिक की ओर से अदालत में जमानत याचिका डाली गई थी। इसके बाद सोमवार को शाम तक अदालत में बहस हुई थी, लेकिन अभी तक इस पर अदालत ने फैसला नहीं सुनाया था। अदालत ने अब जितेंद्र की याचिका खारिज कर दी है। -सूबे सिंह, इंस्पेक्टर, एसीबी, कैथल।