13-कैथल। जानकारी देते देशराज व जोगिंद्र।
- फोटो : Kaithal
कैथल। शिवरात्रि का पर्व मंगलवार को मनाया जाएगा। इसी कड़ी में हरिद्वार में कांवड़ लेने गए कांवड़िये वापस लौट रहे हैं। वहीं, गांव खुराना रोड निवासी ताइक्वांडो कोच देशराज व क्योड़क निवासी जोगिंद्र भी कांवड़ लेकर कैथल पहुंचे। पीठ में लगी सुइयों से वे रेहड़ी को खींचकर यहां तक पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को खुराना रोड स्थित शिव मंदिर और गांव क्योड़क स्थित शिव मंदिर में वे गंगाजल चढ़ाएंगे।
ताइक्वांडो कोच देशराज व जोगिंद्र ने बताया कि वे हरिद्वार से चौथी कांवड़ हरिद्वार से लाए हैं। वे 16 जुलाई को हरिद्वार से चले थे। उन्होंने बताया कि वे पहली बार वर्ष 2007 में कांवड़ लाए थे। इसके बाद वर्ष 2008, 2015 व इस वर्ष कांवड़ लाए। बता दें कि सूइयां से खींची जाने वाली रेहड़ी का वजन करीब डेढ़ क्विंटल है। इसमें कांवड़, गंगाजल, बैटरियां, इन्वर्टर सहित अन्य सामान है। हरिद्वार से ये 15-15 लीटर गंगाजल लेकर पहुंचे।
जोगेंद्र ने बताया कि कहा कि वह सबसे अलग तरीके से कांवड़ लाते हैं। वह एक स्टंट मैन है। समय-समय पर अपने स्टंट दिखाते हैं। इससे पहले वाल्मीकि जयंती पर उन्होंने पीठ पर सुइयां लगाकर रथ खींचने का कार्य भी किया था। उन्होंने कहा कि वह पूरे देश की भलाई के लिए भगवान शिव से प्रार्थना करते हैं। हरिद्वार से हरियाणा बॉर्डर तक वह खुद और हरियाणा बार्डर से कैथल तक देशराज कांवड़ कैथल लेकर पहुंचे।
12-कैथल। आस्था की डगर.........ढांड रोड पर हरिद्वार से कमर पर सूइयां लगा कांवड़ लेकर पहुंचे देशराज।- फोटो : Kaithal