संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। उभरती खिलाड़ी कमलजीत कौर अपने संघर्ष, मेहनत और जुनून के दम पर खेल जगत में लगातार आगे बढ़ रही हैं। बी.ए. और बी.पी.एड. की पढ़ाई पूरी कर चुकी कमलजीत ने वर्ष 2019 में 19 वर्ष की उम्र में अपने खेल कॅरिअर की शुरुआत की। उनके पिता नच्छत्तर सिंह किसान हैं और परिवार में दो बहनें व एक भाई हैं।
वर्तमान में कमलजीत चीका में कोच सतनाम सिंह के मार्गदर्शन में अभ्यास कर रही हैं। वह रोजाना सुबह 5 से 8 बजे और शाम 4:30 से 6:30 बजे तक कड़ी मेहनत करती हैं। उनकी लगन का ही परिणाम है कि उन्होंने अंडर-23 नेशनल चैंपियनशिप, ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता और खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी में रजत पदक हासिल किए हैं।
कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान उनके कॅरिअर में कुछ समय के लिए रुकावट आई, लेकिन उन्होंने 2020-21 में दोबारा वापसी की। वर्ष 2022 में नेशनल स्तर पर पदक जीतने के बाद 2023 में अंडर-23 नेशनल और 2024 में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में भी रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
वर्ष 2024 के अंत में उनका चयन सीआरपीएफ के स्पोर्ट्स कोटे में हुआ, लेकिन उन्होंने अपने पिता और कोच की सलाह पर फिलहाल खेल पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया।
इसी दौरान उन्होंने वर्ल्ड यूनिवर्सिटी ट्रायल भी दिया, लेकिन ट्रायल के बाद चोटिल होने से उन्हें करीब तीन माह तक संघर्ष करना पड़ा। इस कठिन समय में उनके पिता और कोच ने उनका पूरा सहयोग किया।
गुहला-चीका में सांसद नवीन जिंदल के दौरे के दौरान कमलजीत ने अपनी समस्या उनके समक्ष रखी, जिस पर उन्हें एक वर्ष के लिए 15 हजार रुपये प्रतिमाह की स्कॉलरशिप दिलवाई गई।
अब पूरी तरह से फिट हो चुकीं कमलजीत का लक्ष्य आगामी ओपन सीनियर प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का नाम रोशन करना है। उनकी यह यात्रा संघर्ष, समर्पण और दृढ़ इच्छाशक्ति की प्रेरणादायक मिसाल है।