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Kaithal News: कैथल से सजूमा सड़क खस्ताहाल

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31-कैथल। गांव सजूमा की ओर जाने वाड़ी सड़क की खस्ता हालत। - फोटो : Kaithal
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कैथल। कैथल से सजूमा जाने वाली सड़क का नए सिरे से निर्माण होने का 15 साल से लोग इंतजार कर रहे हैं। इस खस्ताहाल सड़क में गहरे गड्ढे बन गए हैं, लेकिन प्रशासन के अधिकारी समस्या से अनजान बने बैठे हुए हैं। सड़क पर सैकड़ों ग्रामीण हर रोज कैथल काम धंधे पर आते हैं। सड़क टूटी होने के कारण दो पहिया वाहनों के पीछे बैठी महिलाएं व बच्चे उछलकर कर गिर जाते हैं।
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कुतुबपुर, धुंधरहेड़ी, दीवाल, रेहडिय़ा, कुराड़, खेड़ी, गुहणा व दुब्बल के ग्रामीण मनोज कुमार, काला राम, सुंदीप कुमार, जितेंद्र, बलवान, सुनील का कहना है कि 2009 में इस सड़क का निर्माण किया गया था। इसके बाद विभाग इसका सही ढंग से रखरखाव नहीं कर रहा। गड्ढों की भरमार से इस पर चलना राहगीरों के मुश्किल भरा सफर रहता है। कई बार दो पहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। बड़े वाहनों का भी नुकसान हो रहा है। कई बार संबंधित विभाग को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द से जल्द इस सड़क का नए सिरे से निर्माण नहीं किया गया तो एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। लोगों ने मांग की है कि इस मार्ग की जल्द दोबारा से मरम्मत करवाई जाए।
दूसरी ओर इस संबंध में पीडब्ल्यूडी विभाग के एक्सईएन केसी पठानिया ने कहा कि सड़कों की मरम्मत का कार्य जारी है। कैथल से सजूमा सडक़ का भी जल्द टेंडर लगवाया जाएगा। ताकि इस सड़क से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी न हो।
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सजूमा गांव निवासी दिव्यांग नरेश कुमार ने बताया कि इस सड़क पर जगह- जगह गहरे गड्ढे होने के कारण स्कूटी नहीं चला पाते है। गाड़ी पलटने का खतरा रहता है। कई बार वह स्कूटी से गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। सड़क का नए सिरे से निर्माण किया जाए।
राहगीर कृष्ण कुमार ने बताया कि खस्ताहाल सड़क से वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। सड़क से रोजाना आने वाले वाहन चालकों को एक महीने से पहले ही वाहनों की सर्विस करवानी पड़ती है। इस सड़क की तुरंत मरम्मत करवाई जाए ताकि आने जाने वाले लोग सुरक्षित सफर कर सकें।
राहगीर रामपाल ने बताया कि इस सड़क से बीमार व्यक्ति को लाने में बहुत परेशानी होती है। दोगुना समय गांव सजूमा से कैथल तक लग रहा है। पैचवर्क भी सड़क पर नहीं किया जा रहा है। इसे दोबारा बनाया जाना चाहिए।
राहगीर मनोज धुंधरेहड़ी ने बताया कि 15 साल से सड़क की कोई देखरेख नहीं है। जगह-जगह गहरे गड्ढों से सबसे ज्यादा परेशान किसान होते है। पिछले सीजन में कई धान से भरी ट्रॉलियां पलट गई थी। इससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।
राहगीर संजू ने बताया कि दुब्बल से पहले सीधा कैथल आ जा सकते थे, लेकिन गहरे गड्ढे बने होने के कारण तितरम मोड़ से आना पड़ता है। इससे तेल खर्च भी ज्यादा करना पड़ता है। जेब भी ढीली हो रही है।
राहगीर संजीव कुमार ने बताया कि ड्रेन के पास से सड़क बहुत खस्ताहाल हो गई है। सिंगल रोड होने के कारण बहुत परेशानी होती है। बारिश के समय में सड़क पर गड्ढे दिखाई नहीं देते है। दोपहिया वाहन चालक चोटिल हो जाते हैं।
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