जिले के स्कूलों में अध्यापकों की कमी का खामियाजा विद्यार्थियों को परीक्षा में भुगतना पड़ेगा। बिना सिलेबस पूरा हुए विद्यार्थी सात मार्च से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाओं में बैठेंगे।
स्थिति इतनी गंभीर है कि कई बड़े स्कूलों में केमिस्ट्री, फिजिक्स एवं मैथ की साल में एक दिन भी कक्षाएं नहीं लगीं। कई विषयों के प्राध्यापक न होने के कारण बच्चे ट्यूशन का सहारा लेकर पढ़ने को मजबूर हैं।
वहीं, सिलेबस पूरा न होने कारण विद्यार्थियों को परीक्षा में फेल होने का डर सता रहा है। शहर में स्थित तीन बड़े स्कूलों में अध्यापकों की कमी के कारण विद्यार्थियों को सिलेबस पूरा नहीं हुआ है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जाखौली अड्डा पर अध्यापकों की कमी के कारण विद्यार्थियों का सिलेबस पूरा नहीं हो पाया है।
विद्यार्थियों को सिलेबस पूरा करवाने में स्कूल मुखियाओं ने प्राइवेट टीचर से आग्रह कर सिलेबस पूरा करवाया गया है। राजकीय कन्या स्कूल जखौली अड्डा पर गणित विषय का अध्यापक न होने के कारण स्कूल मुखिया ने अलग से अध्यापक की व्यवस्था की है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में केमिस्ट्री का अध्यापक भी बाहर से बुलाकर सिलेबस का पूरा किया है। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में केमिस्ट्री का पूरे वर्ष अध्यापक नहीं रहा है।
इसके कारण छात्राओं को सिलेबस भी पूरा नहीं हो सका है। इससे छात्राओं में रोष है। अध्यापकों की कमी होने पर विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षा विभाग के अधिकारी भी अपनी मजबूरी गिनाने में लगे रहते हैं।
ऐसे में जिन अध्यापकों को स्कूलों में बाहर से सिलेबस पूरा करने के लिए बुलाया गया है। उन अध्यापकों के लिए पैसा भी विद्यार्थियों से ही वसूला जाता है।
सिलेबस पूरा न होने के कारण छात्राओं को फेल होने का डर
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्रा सोनिया, ममता, संगीता, योगिता, कनिष्ठा, मनीषा, भारती ने बताया कि पूरे वर्ष केमिस्ट्री का कोई अध्यापक कक्षा में नहीं आया है। सिलेबस पूरा नहीं हो पाया है। अब फेल होने का डर सता रहा है। अध्यापक न होने बारे में कई बार स्कूल प्रधानाचार्या को बताया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
सिलेबस पूरा करने के लिए लिया ट्यूशन का सहारा
छात्रा गीता, अनु, सोनिया, सिखा, शिवानी ने बताया विद्यालय में अध्यापक नहीं होने के कारण बाहर से महंगी ट्यूशन लेकर सिलेबस पूरा किया है। इसके लिए 700 से 1000 रुपये महीना भुगताना पड़ा।