प्रदेश सरकार द्वारा जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरियां देने व जेलों में बंद उपद्रवियों को आम माफी देने संबंधी खबरों बाद सांसद राजकुमार सैनी के लोकतंत्र सुरक्षा मंच ने विरोध का झंडा उठा लिया है। मंच के कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र के प्रवक्ता सुदेश बिंदलिश ने कहा कि हिंसा और आगजनी के आरोपियों को पुरस्कृत करना पीड़ितों के साथ भारी नाइंसाफी होगा। मंच की महावीर दल में आयोजित एक बैठक को संबोधित करते हुए बिंदलिश ने कहा कि सरकार के इस कदम से अमन पसंद लोगों में असुरक्षा की भावना फैलेगी।
बिंदलिश ने सरकार से सवाल किया अपने इस कदम से आखिर वह कौन सी परंपराएं शुरू करना चाह रही है। सरकार या तो यह कहे कि आरक्षण आंदोलन के नाम पर हरियाणा में आगजनी नहीं की गई, लूटपाट नहीं हुई, लोगों से धक्केशाही नहीं की गई। अगर यह सब हुआ है तो फिर दोषियों को सजा दिलाना भी सरकार की जिम्मेवारी है। कहा प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की छवि एक इमानदार और शरीफ मुख्यमंत्री की है। अगर अराजकतत्वों को बिना सजा दिए छोड़ दिया गया तो फिर गलत ताकतों को प्रोत्साहन मिलेगा। वे बार बार गलत हरकतें करेंगे और छूटते रहेंगे। उन्होंने चेताया कि कहीं ऐसा ना हो कि प्रदेश के एक वर्ग को खुश करने के चक्कर में सरकार बाकी सारी जनता को अपने से दूर कर ले।
इस अवसर पर गुरदेव सैनी, ओमप्रकाश कांबोज, लाभ सिंह अरनौली, रघुबीर सिंह, ओमप्रकाश जांगड़ा, जसविंद्र सैन, राजकुमार पीड़ल, डा. बलराज, रोशन लाल पपराला, संदीप सैनी, अनिल कुमार जिला पार्षद, फतेह सिंह, संजू प्रजापत, हरविंद्र जंगम, अजमेर फौजी, मेहर सिंह प्रजापत, गुरमेल भूंसला तथा मेजर सरपंच आदि कार्यकर्ता शामिल थे।