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यूक्रेन से लौटा कैथल का प्रथम, सुनाई आपबीती

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कैथल। यूक्रेन से भारतीय विद्यार्थियों के आने को सिलसिला जारी है। यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे कैथल के छात्र प्रथम ने शनिवार को वतन वापसी की। घर पहुंचने पर उन्होंने यूक्रेन के हालात बयां किए। प्रथम ने बताया कि वह इस समय यूक्रेन के खारकीव में नेशनल मेडिकल विश्वविद्यालय के द्वितीय वर्ष का छात्र है। कहा वहां एक सप्ताह से लगातार रूस की ओर से बमबारी की जा रही है। इस समय वहां की भयावह स्थिति है। प्रथम ने बताया कि रूस और यूक्रेन में जब तनाव बढ़ने लगा तो पता चल गया था कि कुछ ठीक नहीं होने वाला लेकिन विश्वविद्यालय की ओर से ऑफलाइन कक्षाएं चलती रहीं। जब उन्होंने विश्वविद्यालय के अधिकारियों को बोला कि स्थिति कुछ ठीक नहीं लग रहा, तो विश्वविद्यालय की ओर से जवाब मिला कि ये तो राजनीतिक मुद्दा है। ऐसा तो चलता रहता है। इस कारण बच्चे वहां से निकल भी नहीं पाए। जब स्थिति बिगड़ गई तो विश्वविद्यालय ने कहा कि जो छात्र जाना चाहते हैं वे जा सकते हैं। उनके लिए कक्षाएं ऑनलाइन कर दी जाएंगी। 23 फरवरी को कक्षाएं ऑनलाइन होने लगीं। उनकी 24 फरवरी की फ्लाइट थी। वह 23 फरवरी को वहां से रात तीन बजे निकले लेकिन एयरपोर्ट का रास्ता पुलिस ने बंद कर रखा था। पुलिस ने उनको वापस शहर की ओर जाने को कहा। वहां से वे रेलवे स्टेशन पर उतरे और उनको विश्वविद्यालय के मेडिकल हॉस्टल में ले जाया गया। जहां पर उनको लगा कि एंबेसी में जाना बेहतर है। यदि कोई फ्लाइट हुई तो एंबेसी वालों को पहले निकाला जाएगा। वे 24 फरवरी की रात को ही एंबेसी चले गए। एंबेसी में वह तीन दिन तक रुके। उसके बाद सभी विद्यार्थियों ने आवाज उठाई कि एंबेंसी वाले छात्रों को क्यों नहीं भेज रहे। इसके बाद एंबेसी की ओर से एक मेट्रो ट्रेन में टिकट बुक कराई और वहां पर जाने की व्यवस्था की। वहां से उन्होंने रिसर्च करके एक अलग ट्रेन पकड़ी जो सुरक्षित स्थान तक यात्रियों को पहुंचा रही थी। इसमें यात्रा भी निशुल्क थी। वहां पर उनको एंबेसी वाले मिले। जिन्होंने उनको हॉस्टल में शिफ्ट कर दिया। उसके बाद उनको दो दिन बाद वहां से फ्लाइट पहुंचते ही निकाला गया।
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