वीरवार को आधी रात के बाद पांच सौ के पुराने नोटों के बंद होने के बाद कैशलेस मशीनें न होने से लोगों को काफी परेशानी हुई। लोगों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना वहां पड़ा। जहां कैशलेस मशीनें अभी तक स्थापित नहीं हो पाई है। हालांकि लोग प्रधानमंत्री के नोटबंदी के फैसले से काफी खुश तो हैं। लेकिन उनका यह कहना है कि जिस प्रकार सरकार ने पुराने नोटों को 31 दिसंबर तक जमा करवाने का फरमान जारी किया है। ठीक उसी प्रकार कुछ आवश्यक स्थानों पर पुराने नोटों का चलन किया जाना चाहिए।
शुक्रवार को पांच सौ का नोट न चलने से लोगों को छुटकरों के लिए दर-दर भटकना पड़ा। सरकारी अस्पताल, रेलवे स्टेशन और गैस एजेंसियों में आने वाले लोगों को भारी दिक्कतें हुई।
अंबाला रोड स्थित गैस एजेंसी से गैस खरीदने आए गांव प्यौदा वासी सतीश, राजेश रंजन व ईश्वर दयाल ने बताया कि वह गैस खरीदने के लिए एजेंसी में आया था। लेकिन उसे यह मालूम नहीं था कि आज से पुराने नोट पूरी तरह से बंद हो जाएगें। उन्होंने बताया कि यहां अभी तक कैशलेस पॉस मशीनों की सुविधा नहीं है। जिससे उनकी परेशानी और अधिक बढ़ गई। उन्हें छुटे रुपये के लिए पूरा बाजार में घुमना पड़ा जिसके बाद यहां गैस मिली।
वहीें गैस एजेंसी के मैनेजर चंद्रमोहन जैन ने बताया कि उन्होंने करीब एक महीना पहले हर पॉस मशीन के लिए बैंक में आवेदन दे रखा है। लेकिन अभी तक बैंक द्वारा मशीन नहीं दी गई है।