अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले जाट समाज के लोगों ने सोमवार को हनुमान वाटिका में एकत्रित होकर धरना दिया। समाज के लोगों ने आरक्षण सहित अन्य मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। समाज ने फैसला लिया कि इस बार आंदोलन में युवाओं की कुर्बानी के कारण होली नहीं मनाई जाएगी। धरने की अध्यक्षता मास्टर राय सिंह कौलेखां ने की। वहीं आरक्षण संघर्ष समिति के नेता धर्मपाल छौत, बलवान कोटड़ा, ओमप्रकाश किठाना, मल्लू बालू, सुभाष बड़सीकरी सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भाग लिया।
सोमवार को सबसे पहले जाट आरक्षण आंदोलन में मारे गए 21 लोगों को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। दिन में आपसी विमर्श के बाद एसडीएम बीर सिंह को ज्ञापन देकर प्रधानमंत्री से आरक्षण देने सहित अन्य मांगों को पूरा करने की मांग की। 17 मांगों को लेकर समाज के लोगों द्वारा ज्ञापन दिया गया, जिसमें केंद्र सरकार से मांग की गई कि हरियाणा की स्थिति व मांगों को पूरा करने के लिए केंद्रीय मंत्रीमंडल के वरिष्ठ मंत्रियों की एक समिति का गठन करे। जिससे हरियाणा सरकार द्वारा पैदा की गई अविश्वसनीय स्थिति को संभाला जा सके।
हरियाणा के पहले अध्यादेश लाकर जाट जाति को पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल करे। इसके बाद विधानसभा में विशेष बिल लाकर आरक्षण दिया जाए। केंद्रीय स्तर पर जाटों को आरक्षण के लिए राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग संशोधन बिल लाकर बजट सत्र में प्रदेश व केंद्र सरकार की ओबीसी सूचियों की विसंगतियों को दूर करे। हरियाणा में गोली चलाने वाले दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
आंदोलन में शहीद हुए परिवारों को उचित मुआवजा व आश्रितों को नौकरी दी जाए। आंदोलन में दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। सांसद राजकुमार सैनी द्वारा दिए जा रहे बयानों को लेकर कार्रवाई की जाए। जाट बिरादरी के युवाओं और लोगों के खिलाफ झूठे मुकदमें वापिस लिए जाएं। रोशन लाल आर्य के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किए जाने, सर छोटू राम की प्रतिमा को प्रशासनिक खर्च पर दोबारा लगाए जाने सहित 17 मांगों को पूरा करने की मांग की गई।
धरने को लेकर प्रशासन मुस्तैद
धरने को लेकर यहां पुलिस-प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। वाटिका में दिन भर पुलिस का जमावड़ा रहा। इसके बाद एसडीएम बीर सिंह खुद ज्ञापन लेने के लिए हनुमान वाटिका में पहुंचे। जहां समाज के गणमान्य लोगों ने उन्हें यह ज्ञापन दिया।
होली नहीं मनाएंगे इस बार जाट समाज के लोग
समाज के नेता धर्मपाल छौत, बलवान कोटड़ा ने कहा कि इस बार होली का पर्व नहीं मनाया जाएगा। समाज में हुई लूटपाट के विरोध सहित आरक्षण के आंदोलन में समाज के 21 युवाओं की कुर्बानी के कारण यह फैसला लिया गया है। धर्मपाल छौत ने यह भी कहा कि कैथल में 17 मार्च को कोई आंदोलन नहीं होगा। सरकार द्वारा बजट सत्र में विधेयक लाने की तैयारियों के चलते इंतजार किया जाएगा। इसीलिए 17 मार्च को यहां आंदोलन नहीं है। सोमवार को पूरे देश में 160 जिलों में धरना देकर सरकार से आरक्षण की मांग की है।