कुरुक्षेत्र के सांसद राज कुमार सैनी ने जाति पर आधारित आरक्षण देने की वकालत करते हुए कहा कि बिहार जैसे बड़े प्रदेश में विकास पूरी तरह से हार गया है और वहां के चुनावी नतीजों से स्पष्ट हो गया है कि वहां जातिगत समीकरण प्रभावी रहा है। सैनी वीरवार को गुहला में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि वे एससी, बीसी को पहले से मिल रहे आरक्षण में सेंध नहीं लगाने देंगे। परंतु यदि इसमें किसी प्रकार के बदलाव की कोई जरूरत है, तो उनका सुझाव है कि वह जातिगत संख्या के अनुपात के अनुसार ही हो। उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा आरक्षण पर रिव्यू करने बारे दिए गए बयान का समर्थन करते हुए कहा कि बिहार के लोगों ने उनके ब्यान का गलत अर्थ निकाला, जबकि सच्चाई यह है कि समय के अनुसार आरक्षण सहित हर कानून पर संशोधन की जरूरत होती है। इससे भविष्य में किसी प्रकार की कोई कठिनाई से बचा जा सके।
सैनी ने कहा कि इसी मुद्दे को लेकर 28 नवंबर को दिल्ली में एक विशाल रैली बुलाई गई है जिसमें एससी, बीसी को मिल रहे आरक्षण के साथ किसी प्रकार की कोई छेड़छाड़ न हो। सैनी ने रैली के एजेंडे का हवाला देते हुए कहा कि रैली के माध्यम से देश में चल रही व्यवस्था के परिवर्तन की नई शुरूआत होगी। उन्होंने दावा किया कि रैली में 36 बिरादरियों में से सवा पैंतीस बिरादरी के लोग पहुंचेंगे। परंतु जब उनसे यह पूछा गया कि पौनी बिरादरी कौन सी है तो उन्होंने इसका उत्तर हंसी में टालते हुए कहा कि सभी प्रश्रों के उत्तर में रैली में स्वत: ही मिल जाएंगे।
इस अवसर पर हलका विधायक कुलवंत बाजीगर व जिला भाजपा उप प्रधान सुरता राम शर्मा भी मौजूद थे।