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सट्टा गिरोह में पकड़े गए मुख्य आरोपी के पुलिस पर संगीन आरोप

Fri, 13 Nov 2015 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला /कैथल
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मार्च माह में पूंडरी में सट्टा गिरोह सदस्यों के साथ गिरफ्तार किए गए गिरोह के मुख्य आरोपी ने पुलिस पर संगीन आरोप लगाकर किसी निष्पक्ष एजेंसी से जांच करवाए जाने की मांग की है। मुख्य आरोपी ने पुलिस पर फर्जी मामले मेें फंसाने, थाना सिविल लाइन प्रभारी पर चालान पेश न करने पर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेने सहित भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता ने एसपी कैथल के संरक्षण में भ्रष्टाचार के पनपने का आरोप लगाकर एसपी के तबादले की मांग की है।
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वीरवार को लोक निर्माण विभाग विश्रामगृह में पत्रकारों से बातचीत में मुख्य आरोपी रहे नरेश मनचंदा ने अपने सट्टा खेलने एवं खिलाने की बात को स्वीकार करते हुए कहा कि वह करीब एक साल पहले सट्टा खेलता था। वह भी ताश के पत्तों से। जो क्राइम की दुनिया का सबसे छोटा क्राइम है। पुलिस अधिकारियों के साथ लेन-देन करते हुए यह काम चल रहा था। एक साल पहले उसने सट्टा खेलना बंद कर दिया था। तभी से उसे पुलिस अधिकारी उसे परेशान करने लगे। मार्च माह में पुलिस ने उसे पूंडरी से गिरफ्तार हुआ दिखाया। जबकि पुलिस ने उसे उसके अन्य साथियों को पिहोवा से गिरफ्तार किया था। पिहोवा में वे शराब के ठेके को लेनेे के लिए मीटिंग कर रहे थे। उसी के लिए 12 लाख रुपये की राशि एकत्रित की थी। लेकिन पुलिस ने उसे फर्जी तरीके से पूंडरी में दिखाया। उसकी मांग है कि उस दिन की उसकी लोकेशन की जांच की जाए। जिसमें दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।


फिरौती का फर्जी मामला दर्ज किया, न्यायालय से मिला न्याय
मनचंदा ने कहा कि पुलिस ने उस पर भाकियू नेता गुणीप्रकाश से फिरौती मांगने के आरोप में केस दर्ज किया। जबकि मोबाइल डिटेल में उसके फोन से गुणीप्रकाश को कोई फोन नहीं हुआ पाया गया। जिस पर उसे न्यायालय से न्याय मिला तथा उस पर लगाया गया फिरौती का चार्ज हटा दिया गया है। इसके बाद गुणीप्रकाश ने उस पर हाईकोर्ट से यह धारा लगवाने की धमकी दी तथा कहा कि 15 लाख रुपये दे दो। तुम्हारे सारे केस निपटवा दूंगा।
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एसएचओ सिविल लाइन अशोक कुमार ने लिए 50 हजार रुपये
मनचंदा ने कहा कि गुणीप्रकाश द्वारा जून 2015 में थाना सिविल लाइन में दी गई उसके खिलाफ धमकी की शिकायत पर चालान न पेश करने की एवज में एसएचओ सिविल लाइन थाना प्रभारी अशोक कुमार ने उससे 50 हजार रुपये की रिश्वत ली। जो उसने थाने में जाकर दी थी। इसके बाद दिसंबर माह में उसके खिलाफ चालान भी पेश कर दिया गया। पूछने पर अशोक का कहना था कि यह हाईकोर्ट के आदेशों के कारण करना पड़ा।


बदमाशों एवं पुलिस का आपसी गठजोड़
मनचंदा ने आरोप लगाया कि कैथल जिले में पुलिस अधिकारियों और बदमाशों का आपस में संबंध है। लोगों को फंसाने के लिए ग्रुप बना हुआ है। आज भी कैथल में सट्टे का कारोबार फल-फूल रहा है। लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है। इस ग्रुप के कारण उसका पूरा परिवार सदमे में हैं। उसे डर है कि पुलिस उसके ओर भी कई चालान कर सकती है। इसीलिए उसके खिलाफ रचे गए षड्यंत्रों की निष्पक्ष एजेंसी से जांच करवाई जाए। ताकि उसे न्याय मिल सके।


एसपी के संरक्षण में बढ़ रहा है जिले में भ्रष्टाचार
मनचंदा के साथ आए भाकियू प्रदेश प्रवक्ता रणदीप आर्य फरल ने कहा कि कैथल एसपी कृष्ण मुरारी के नेतृत्व में जिले में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। हरियाणा सरकार से मांग है कि कैथल एसपी का तबादला किया जाए। यहां दस-दस वर्षों से जो पुलिस अधिकारी भ्रष्टाचार फैला रहे हैं, उनके तबादले होने चाहिए।


आरोप निराधार, केस दर्ज करवाने के कारण लगाए जा रहे हैं आरोप
उधर, भाकियू के नेता गुणीप्रकाश ने कहा कि उन्होंने इन लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाए हुए हैं। फिरौती की जो धारा माननीय न्यायालय ने हटाई है। उसके लिए हाईकोर्ट में अपील की थी। जिसमें अभी गवाही होनी है। इसके अलावा अभी फिर से इन आरोपियों ने उसे धमकी दी है कि उन्होंने कैथल में पूर्व में नामी गैंगस्टर की अब जमानत करवा दी है। वे उसे देख लेंगे। इसी धमकी को लेकर वे शुक्रवार को ही एसपी कैथल को एक शिकायत देंगे। उन पर जो आरोप लगाए गए हैं, वे सभी निराधार हैं। पूंडरी की जनता को सट्टा जैसी बुराई से मुक्त करवाने की लड़ाई वे हमेशा लड़ते रहेंगे।


आरोप निराधार, जांच-पड़ताल के बाद की गई कार्रवाई
थाना सिविल लाइन प्रभारी अशोक कुमार का कहना है कि उन पर पैसे लेने के जो आरोप लगाए गए हैं। वे सभी निराधार हैं। माननीय हाईकोर्ट के आदेशानुसार इस मामले में कार्रवाई की गई है। एसपी की जानकारी में पूरा मामला है।

लेक्चरर पर केस दर्ज न करने के कारण लगा रहा है आरोप
एसपी कृष्ण मुरारी ने कहा कि गुणीप्रकाश ने नरेश के खिलाफ शिकायत दी थी। जिसकी जांच अब सीआईए को सौंपी गई है। वहीं रणदीप कुमार खुद कम से कम एक दर्जन केस दर्ज करवाकर सभी में गवाही देने से मुकर गया। अब वह कुछ लेक्चरर्स के खिलाफ केस दर्ज करवाना चाहता है। लेकिन हमने केस दर्ज करने से मना कर दिया। यह पुरजोर आशंका है कि वह केस दर्ज करवाकर गवाही से मुकरने पर पैसे वसूलता है। पुलिस द्वारा जिले में कई बड़ी कार्रवाई की गई हैं। भ्रष्टाचार पनपने जैसी कोई बात नहीं है।
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