कैथल में पांच साल पहले नौकरी मिलने के बाद अब परीक्षा के फरमान से टीचर्स में हड़कंप मचा हुआ है। गुस्साए अध्यापकों ने अध्यापक संघ के साथ सोमवार बाद दोपहर जोरदार प्रदर्शन किया तथा डीसी को ज्ञापन दिया।
वर्ष 2010 में हुई थी ड्राइंग टीचर्स की नियुक्ति वर्ष 2010 में प्रदेश सरकार द्वारा ड्राइंग टीचर्स की नियुक्ति की गई थी। इन अध्यापकों की नियुक्ति को लेकर मामला अभी न्यायालय में भी विचाराधीन है। इसी बीच सरकार ने इन अध्यापकों के लिए टेस्ट लिए जाने का फरमान जारी कर दिया है। जिस कारण अध्यापकों में रोष बना हुआ है।
जिले भर से पहुंचे प्रदर्शन में अध्यापक
जिले भर से अध्यापक सोमवार बाद दोपहर प्रदर्शन में भाग लेने पहुंचे। यहां सचिवालय के द्वार के बाहर जमकर नारेबाजी की। बाद में डीसी के नाम सीटीएम को ज्ञापन भी सौंपा। इस अवसर पर हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य लेखा परीक्षक जयप्रकाश शास्त्री ने कहा कि हरियाणा सरकार हर रोज किसी न किसी अध्यापक को बहाना बना कर घर भेजने पर लगी हुई है। अब लगभग 6 वर्षों की सेवा करने के बाद वर्ष 2010 में नियुक्त ड्राइंग टीचर्स की दोबारा से परीक्षा लेने का तुगलकी फरमान जारी किया जा रहा है। जिसका हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ पुरजोर विरोध करेगा और 25 नवंबर को करनाल में होने वाली सर्व कर्मचारी संघ की रैली में इस मुद्दो को जोर शोर से उठाया जाएगा। इस अवसर पर हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान सतबीर गोयत, सचिव बूटा सिंह, प्रेस प्रवक्ता रामपाल शर्मा, कृष्ण आर्य व सतीश शर्मा, कृष्ण कौशिक, जोगिन्द्र पाल, निशान्त, सुनील, प्रदीप, संदीप व संजीव ने भी संबोधित किया।
जिले में 42 अध्यापक
प्रदेश सरकार द्वारा नियमित आधार पर नियुक्त हुए ड्राइंग टीचर्स में 42 अध्यापक हैं। जो जिले में कार्यरत हैं। नियुक्ति के बाद इन अध्यापकों की नियुक्ति को हाईकोर्ट द्वारा रद्द कर दिया गया था। इसके बाद न्यायालय की डबल बैंच में इन अध्यापकों की नियुक्ति की सुनवाई चल रही है। लेकिन इसी बीच सरकार द्वारा टेस्ट लिए जाने का ऐलान कर दिया गया है। आगामी 29 नवंबर को जो टेस्ट लिया जाना है।